Kashi Vidyapith: 1500 छात्र-छात्राओं की होगी री-काउंसिलिंग, इस कारण बदली व्यवस्था; तैयार कराना होगा विषय पुंज
Varanasi News: विश्वविद्यालय की प्रवेश समिति की बैठक के बाद महाविद्यालयों को स्नातक में दो मेजर विषय आवंटित करने की गाइडलाइन का पत्र भेजे जाने लगे हैं। बुधवार को चिट्ठी मिलने के बाद कई महाविद्यालयों की टेंशन बढ़ गई है। उनका कहना है कि अब दोबारा काउंसिलिंग करनी पड़ेगी।
विस्तार
स्नातक स्तर पर दो मेजर और एक माइनर विषय लेने का प्रावधान बनाए जाने के बाद महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ और उससे संबद्ध महाविद्यालयों में प्रवेश ले चुके लगभग 1500 छात्र-छात्राओं को री-काउंसिलिंग करानी पड़ेगी।
इन छात्र-छात्राओं को पहले तीन मेजर विषयों के आधार पर दाखिला दिया गया था। मगर, मंगलवार को काशी विद्यापीठ की प्रवेश समिति की बैठक में नई शिक्षा नीति के तहत स्नातक में तीन के बजाय दो मेजर विषयों की पढ़ाई पर मुहर लगी। इसके साथ एक माइनर विषय रखना होगा।
काशी विद्यापीठ के मुख्य कैंपस में सत्र 2024-25 के लिए स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षाओं में अभी नए प्रवेश नहीं हो पाए हैं। यहां प्रवेश प्रक्रिया चल रही है, मगर काशी विद्यापीठ के गंगापुर परिसर और इससे संबद्ध महाविद्यालयों ने प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है।
गंगापुर परिसर ने जहां 1800 सीटों के मुकाबले 220 एडमिशन कर लिया है, वहीं श्री अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज ने 500 नए एडमिशन किए हैं। इसी तरह जगतपुर पीजी कॉलेज ने लगभग 800 दाखिले ले लिए हैं। लेकिन, ये सभी दाखिले पुरानी व्यवस्था के तहत हुए हैं, जिनमें छात्र-छात्राओं को तीन विषय लेकर पढ़ाई करनी थी।
बोले अधिकारी
स्नातक में लगभग 500 सीटों पर दाखिले हो चुके हैं। विश्वविद्यालय की नई गाइडलाइन के मुताबिक अब उन छात्राओं की दोबारा काउंसिलिंग कराई जाएगी। इस पर विचार कर व्यवस्था बनाने के लिए कॉलेज प्रवेश समिति की बैठक बुलाई गई है। विषय पुंज बनाकर छात्राओं को उसके मुताबिक विषय दिए जाएंगे। छात्राओं को एक विषय ड्रॉप करना होगा। ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी कि छात्राओं की इच्छा के मुताबिक उन्हें विषय पढ़ने का मौका मिले। - प्रो. मिथलेश सिंह, प्रिंसिपल श्री अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज
लगभग 800 एडमिशन हो गए हैं। विश्वविद्यालय की चिट्ठी मिली है। उसके मुताबिक व्यवस्था बनाई जा रही है। जिन छात्र-छात्राओं ने एडमिशन ले लिया है, उनकी री-काउंसिलिंग करानी पड़ेगी। नई शिक्षा नीति के तहत यह व्यवस्था बनाई गई है। अभी देखा जा रहा है कि नई व्यवस्था में उच्च स्तर पर तो कोई फेरबदल नहीं होने की गुंजाइश है। जल्द ही एडमिशन ले चुके छात्र-छात्राओं की री-काउंसिलिंग कराई जाएगी। - डॉ. अनिल सिंह, प्राचार्य जगतपुर पीजी कॉलेज
एमए अर्थशास्त्र सम सेमेस्टर की मौखिक परीक्षा 13 से
काशी विद्यापीठ के अर्थशास्त्र विभाग में एमए अर्थशास्त्र चतुर्थ एवं द्वितीय सेमेस्टर (एनईपी) के छात्रों के रिसर्च प्रोजेक्ट का मूल्यांकन एवं प्रस्तुतीकरण/ मौखिकी परीक्षा क्रमशः 13 व 14 अगस्त को होगी। विभागाध्यक्ष प्रो. राजीव कुमार ने बताया कि परीक्षा सुबह 9 बजे से विभाग में होगी। विद्यार्थियों को प्रवेश पत्र एवं परिचय पत्र और रिसर्च प्रोजेक्ट के साथ निर्धारित तिथि पर उपस्थित होना होगा।
बीएफए की प्रवेश परीक्षा 10 को
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में सत्र 2024-25 में एमएफए पेंटिंग एवं एमएफए एप्लाइड आर्ट्स की प्रायोगिक प्रवेश परीक्षा आठ अगस्त को और बीएफए की प्रवेश परीक्षा 10 अगस्त को दोपहर तीन बजे से पांच तक होगी।
कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय ने बताया कि परीक्षाएं समाज विज्ञान संकाय में आयोजित की जाएंगी। परीक्षा में अभ्यर्थियों को अपने साथ ड्राइंग बोर्ड, कलर, पेंसिल, ब्रश आदि लेकर आना होगा। वहीं, बीम्यूज एवं एमम्यूज की प्रवेश परीक्षा क्रमशः नौ और 10 अगस्त को सुबह 10 बजे से मंचकला विभाग में होगी।
विधि विभाग में वितरित हुआ टैबलेट
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के विधि विभाग में टैबलेट वितरण समारोह का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में एलएलएम प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों को टैबलेट दिया गया। विभागाध्यक्ष एवं संकायाध्यक्ष प्रो. रंजन कुमार ने विद्यार्थियों के लिए डिजिटल ज्ञानार्जन पर बल दिया। इस अवसर पर डॉ. शिल्पी गुप्ता, सहा प्रोफेसर, डॉ. हंसराज, डॉ. रामजतन प्रसाद, पवन कुमार सिंह, सोमेश सिंह कठेरिया आदि उपस्थित रहे।