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Kashi Telugu Sangamam: 28 अगस्त से लोक परंपराओं का दिखेगा संगम, 2000 से अधिक लोग होंगे शामिल
Tue, 21 Jul 2026 07:39 AM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Tue, 21 Jul 2026 07:39 AM IST
सार
Varanasi News: 28 अगस्त से काशी तेलुगु संगमम् की शुरुआत होगी। इस दौरान भाषाओं, साहित्य, कला, संगीत, नृत्य एवं लोक परंपराओं का संगम दिखेगा। देशभर से 2000 से अधिक प्रतिनिधि व प्रतिभागी शामिल होंगे।
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काशी तेलुगु संगमम् (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आदिलीला फाउंडेशन की ओर से 28 से 31 अगस्त तक काशी में चार दिवसीय काशी तेलुगु संगमम् का भव्य आयोजन होगा। इसमें भारतीय भाषाओं, साहित्य, कला, संगीत, नृत्य एवं लोक परंपराओं का विराट संगम देखने को मिलेगा। देशभर से 2000 से अधिक प्रतिनिधि व प्रतिभागी इसमें शामिल होंगे।
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आदिलीला फाउंडेशन के केंद्रीय कार्यालय, सिकरौल में वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. वकुलाभरणम् कृष्ण मोहन राव, फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. एस. आदिनारायण तथा हृदयनारायण पांडेय ने पत्रकारों को बताया कि काशी तेलुगु संगमम् प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र प्रथम के मंत्र तथा एक भारत, श्रेष्ठ भारत के संकल्प से प्रेरित एक राष्ट्रीय सांस्कृतिक अभियान है। इसका उद्देश्य उत्तर और दक्षिण भारत के बीच सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं भावनात्मक एकात्मता को सुदृढ़ बनाना तथा काशी की आध्यात्मिक विरासत और तेलुगु समाज की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा के बीच सशक्त संवाद स्थापित करना है।
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उन्होंने बताया कि आयोजन में देशभर की विभिन्न भारतीय भाषाओं के प्रख्यात साहित्यकार, कवि, लेखक, चिंतक, शोधकर्ता, सांस्कृतिक हस्तियां और कला साधक भाग लेंगे। इस दौरान कुचिपुड़ी, भरतनाट्यम सहित विभिन्न शास्त्रीय नृत्य परंपराओं के प्रतिष्ठित गुरु और कलाकारों के साथ देश के विभिन्न राज्यों की लोककलाओं एवं लोकनृत्यों की आकर्षक प्रस्तुतियां भी होंगी।
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उन्होंने बताया कि संपूर्ण आयोजन पूर्व निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार होगा। विस्तृत कार्यक्रम जल्द जारी किया जाएगा। साथ ही देशभर के साहित्यकारों, कलाकारों, शिक्षाविदों, सांस्कृतिक संस्थाओं तथा समाज के सभी वर्गों से इस राष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव में सहभागी बनने का आह्वान किया।