भगवान श्रीराम के मंदिर का भूमि पूजन कराएंगे काशी के विद्वान, उसके बाद पीएम मोदी रखेंगे आधारशिला
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के बहुप्रतीक्षित मंदिर के शिलान्यास और भूमि पूजन की जिम्मेदारी काशी के विद्वानों और संतों की होगी। काशी विद्वत परिषद के तीन विद्वान और ब्राह्मणों का दल काशी से अयोध्या जाएगा। काशी के दो संतों को भी आमंत्रित किया गया है।
अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन पांच अगस्त को होगा। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रधानमंत्री पांच अगस्त को सुबह 11 बजे से दोपहर 3:10 बजे तक अयोध्या में रहेंगे। भूमिपूजन से जुड़े कार्यक्रम सुबह 8 बजे शुरू होंगे। भूमि पूजन काशी के विद्वान कराएंगे।
इसके बाद प्रधानमंत्री मंदिर की आधारशिला रखेंगे। पूजन की जिम्मेदारी काशी विद्वत परिषद के तीन सदस्यों के साथ ब्राह्मणों के दल को दी गई है। काशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष प्रो. रामयत्न शुक्ल सोमवार को तीनों नामों की घोषणा करेंगे। वहीं काशी के संतों को भी आमंत्रित किया गया है। इसमें अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती और सतुआ बाबा आश्रम के महामंडलेश्वर संतोष दास शामिल हैं।
आस्था और सौहार्द का प्रतीक होगा मंदिर
महामंडलेश्वर संतोष दास ने कहा कि यह ऐतिहासिक क्षण है। लोक नायक भगवान श्रीराम के बहुप्रतीक्षित मंदिर के शिलान्यास और भूमि पूजन के पल का साक्षी बनना गौरव की बात है। सनातन धर्मियों की आस्था के केंद्र अयोध्या में बहुप्रतीक्षित दिन का समय अब नजदीक आ गया है। यह हमारे धैर्य, आस्था और सौहार्द का प्रतीक होगा।
आनंद देने वाला है ऐतिहासिक क्षण
स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि संत समाज ही नहीं पूरे विश्व के सनातन हिंदू समाज के लिए गौरव का क्षण आने वाला है। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा श्रीराम जन्मभूमि का भूमि पूजन होते देखेंगे। हर मामले में यह ऐतिहासिक और आनंद को देने वाला क्षण है। भगवत कृपा रही तो साढ़े तीन वर्षों में दुनिया का दिव्यतम् मंदिर तैयार हो जाएगा।