{"_id":"65d85df5de32f48ede02f002","slug":"kashi-sansad-sanskrit-pratiyogita-pm-modi-increased-enthusiasm-2024-02-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"PM Modi in Varanasi: काशी सांसद संस्कृत प्रतियोगिता में प्रतिभाओं को मिला मंच, प्रधानमंत्री ने बढ़ाया उत्साह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
PM Modi in Varanasi: काशी सांसद संस्कृत प्रतियोगिता में प्रतिभाओं को मिला मंच, प्रधानमंत्री ने बढ़ाया उत्साह
Fri, 23 Feb 2024 04:14 PM IST
अमन विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Fri, 23 Feb 2024 04:14 PM IST
सार
बीएचयू के स्वतंत्रता भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान काशी सांसद संस्कृत प्रतियोगिता, काशी सांसद ज्ञान प्रतियोगिता और काशी सांसद फोटोग्राफी के प्रतिभागियों को सम्मान दिया। उन्होंने प्रतियोगी छात्रों के संघर्षों को भी जाना।
विज्ञापन
प्रतियोगिता में शामिल बच्चों के साथ प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती है। तमाम परेशानियों और चुनौतियों के बाद लक्ष्य को हासिल करना मुश्किल नहीं होता है। काशी सांसद संस्कृत प्रतियोगिता, काशी सांसद ज्ञान प्रतियोगिता और काशी सांसद फोटोग्राफी के प्रतिभागियों ने इसे सच कर दिखाया है। शुक्रवार को बीएचयू के स्वतंत्रता भवन के सभागार में विजेताओं को प्रधानमंत्री के हाथों पुरस्कृत होने का सौभाग्य मिला। प्रधानमंत्री ने युवाओं का उत्साहवर्धन किया। साथ ही उन्हें सफल होने का मंत्र दिया।
विज्ञापन
12वीं तक की कॉन्वेंट में पढ़ाई, स्नातक में संस्कृत का अध्ययन
12वीं तक कॉन्वेंट की पढ़ाई और उसके बाद स्नातक का अध्ययन संस्कृत भाषा में। बीएचयू में शास्त्री तृतीय वर्ष के छात्र डीकेएस श्रीकांत राव को काशी सांसद संस्कृत प्रतियोगिता के तहत दो वर्ग में पहला स्थान हासिल हुआ है। डीकेएस ने बताया कि घर के संस्कारों के कारण बचपन से ही संस्कृत के प्रति लगाव था। आंध्र प्रदेश के रहने वाले डीकेएस का परिवार सात पीढ़ियों से काशी के मानसरोवर घाट के पास रहता है। पिछले साल तिरुपति राष्ट्रीय शास्त्रार्थ प्रतियोगिता में दो स्वर्ण पदक मिले थे। दादाजी धनकोटि सुब्रमण्यम शास्त्री काशी के विद्वान थे और पिताजी धनकोटि सुब्रमण्यम श्रीनिवास शास्त्री कर्मकांडी हैं। डीकेएस ने संगीत में प्रभाकर, भाव संगीत का प्रशिक्षण लिया है और वर्तमान में कर्नाटक संगीत की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिताजी चलाते हैं रिक्शा, नवरत्न कर रहा संस्कृत का अध्ययन
काशी सांसद संस्कृत प्रतियोगिता के मध्यमा वर्ग के व्याकरण भाषण प्रतियोगिता में नवरत्न को पहला स्थान मिला है। बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में प्रधानमंत्री के हाथों से नवरत्न सम्मानित हुए। पूर्व मध्यमा का छात्र नवरत्न मूलतः राजस्थान के बीकानेर का रहने वाला है। नवरत्न ने बताया कि उसके पिताजी भोलाराम डूडी रिक्शा चलाकर परिवार का जीवन यापन करते हैं। तीन भाईयों में दूसरे नंबर का नवरत्न पिछले तीन सालों से काशी में संस्कृत का अध्ययन कर रहा है। बालक नवरत्न की आंखों में पिताजी के श्रम को एक मुकाम तक पहुंचाने का ख्वाब पल रहा है। नवरत्न ने बताया कि वह बड़ा होकर पीएचडी करना चाहता है।