{"_id":"6249f236b0de754ae736e9ed","slug":"kashi-s-pashmina-shawl-will-be-100-pure-exhibition-will-be-held-soon-varanasi-news-vns646456037","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"ऑनलाइन भी होगी बिक्री: शत प्रतिशत शुद्ध होगी काशी की पश्मीना शॉल, कश्मीर के मुकाबले होगी सस्ती, जल्द लगेगी प्रदर्शनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऑनलाइन भी होगी बिक्री: शत प्रतिशत शुद्ध होगी काशी की पश्मीना शॉल, कश्मीर के मुकाबले होगी सस्ती, जल्द लगेगी प्रदर्शनी
Mon, 04 Apr 2022 04:20 PM IST
वाराणसी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 04 Apr 2022 04:20 PM IST
सार
खादी ग्रामोद्योग के तहत बनाई जा रही पश्मीना शॉल की बिक्री खादी आश्रम व खादी भवन के साथ ही ऑनलाइन भी होगी। ज्यादातर शॉलों की बुकिंग पहले से हो चुकी है। जल्द ही इसकी बिक्री दिल्ली, मुंबई, लखनऊ के साथ ही देश के अन्य शहरों में भी होगी।
विज्ञापन
पश्मीना का बाजार बढ़ाने की तैयारी
- फोटो : Demo Pic.
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
लाखों में बिकने वाली जम्मू, कश्मीर व लद्दाख की पश्मीना शॉल अब जल्द ही काशी में मिलेगी। इसके लिए खादी ग्राम उद्योग इस माह के अंत में प्रदर्शनी लगाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए काशी के बुनकर अब तक 400 पशमीना शॉल और 200 स्टॉल तैयार कर चुके हैं।
विज्ञापन
स्थानीय बुनकरों ने बताया कि ये शॉलें पूरी तरह से शुद्ध होंगी। क्योंकि इन पश्मीना शॉलों में दूसरों धागों का प्रयोग नहीं किया जाएगा। खादी ग्रामोद्योग के तहत बनाई जा रही पश्मीना शॉल की बिक्री खादी आश्रम व खादी भवन के साथ ही ऑनलाइन भी होगी। ज्यादातर शॉलों की बुकिंग पहले से हो चुकी है। जल्द ही इसकी बिक्री दिल्ली, मुंबई, लखनऊ के साथ ही देश के अन्य शहरों में भी होगी।
विज्ञापन
जहां जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में तैयार होने वाली शॉलों में वहां पाई जाने वाली बकरी के बाल के साथ ही दूसरे धागों के मिश्रण से बनाया जाता है। वहीं काशी में बनाई जा रही पश्मीना शॉल शत प्रतिशत शुद्ध होगी। क्योंकि इसमें किसी अन्य तरह के धागों का मिश्रण नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद काशी में तैयार होने वाले शॉल की कीमत वहां की शॉल से कम होगी।
विज्ञापन
सात से 50 हजार रुपये तक की होगी शॉल
काशी में बनी पश्मीना शॉल की कीमत सात से लेकर 50 हजार तक की होगी। खादी ग्रामोद्योग के जय प्रकाश ने बताया की शॉल को बनाने में कुल 11 हजार की लागत आ रही है। लेकिन ग्राहकों को यह 30 प्रतिशत की छूट पर दी जाएगी। लद्दाख व जम्मू-कश्मीर में इसकी कीमत 20 हजार से डेढ़ लाख तक होती है।
250 ग्राम होगा शॉल का वजन
जय प्रकाश ने बताया कि लद्दाख में बनने वाली पश्मीना शॉल का वजन 150 ग्राम होता है। वहीं काशी की पश्मीना शॉल का वजन 250 ग्राम होगा। इसकी वजह यह है कि काशी में तैयार हो रही शॉल हतकरघा के जरिए तैयार किया जा रहा है। हाथों से बुनाई और कटाई के कारण कश्मीर में तैयार होने वाली पश्मीना शॉल से ज्यादा वजन की है। काशी में बनने वाली पश्मीना शॉल पूरी तरह से हस्तनिर्मित है।
खादी ग्रामोद्योग आयोग के निदेशक डीएस भाटी ने कहा कि अप्रैल में शॉल की लांचिग की जाएगी। इसके बाद खादी के भवनों इसकी प्रदर्शनी लगाई जाएगी। विभाग द्वारा इसकी तैयारी की जा रही है। -
250 ग्राम होगा शॉल का वजन
जय प्रकाश ने बताया कि लद्दाख में बनने वाली पश्मीना शॉल का वजन 150 ग्राम होता है। वहीं काशी की पश्मीना शॉल का वजन 250 ग्राम होगा। इसकी वजह यह है कि काशी में तैयार हो रही शॉल हतकरघा के जरिए तैयार किया जा रहा है। हाथों से बुनाई और कटाई के कारण कश्मीर में तैयार होने वाली पश्मीना शॉल से ज्यादा वजन की है। काशी में बनने वाली पश्मीना शॉल पूरी तरह से हस्तनिर्मित है।
खादी ग्रामोद्योग आयोग के निदेशक डीएस भाटी ने कहा कि अप्रैल में शॉल की लांचिग की जाएगी। इसके बाद खादी के भवनों इसकी प्रदर्शनी लगाई जाएगी। विभाग द्वारा इसकी तैयारी की जा रही है। -