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महाकाल एक्सप्रेस के रवाना होने से पहले किया गया पूजा-पाठ, बदला शिव परिवार का स्थान

Thu, 20 Feb 2020 08:24 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Thu, 20 Feb 2020 08:24 PM IST
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Prayer recited before departure of Mahakal Express, changed location of Shiva family
मंदिर में हुई पूजा। - फोटो : अमर उजाला।

काशी महाकाल एक्सप्रेस के रवाना होने से पहले कर्मचारियों ने पूजा-पाठ किया। कोच बी5 में बने शिव मंदिर को रसोईयान में शिफ्ट किया गया है। कर्मचारियों ने वहीं पूजा की थी, साथ ही भजन-कीर्तन किया गया था। ट्रेन में छोटा मंदिर बरकरार रहेगा और मंदिर में ट्रेन से जुड़े कर्मचारियों की देखरेख में पूजापाठ का कार्य नियमित रूप से होगा।


Prayer recited before departure of Mahakal Express, changed location of Shiva family
मंदिर में हुई पूजा। - फोटो : अमर उजाला

देश की तीसरी कारपोरेट ट्रेन कैंट रेलवे स्टेशन से दोपहर 2.45 बजे इंदौर के लिए रवाना हो गई और दूसरे दिन सुबह 9.40 बजे इंदौर पहुंचाएगी। आईआरसीटीसी ने काशी महाकाल एक्सप्रेस का शुभारंभ महाशिवरात्रि के एक दिन पहले कर उन्हें शिवरात्रि का तोहफा दिया है। आईआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अश्विनी श्रीवास्तव ने सभी यात्रियों को उपहार के रूप में छाता दिया।

Prayer recited before departure of Mahakal Express, changed location of Shiva family

16 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी ने पड़ाव से वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया था। काशी महाकाल एक्सप्रेस के कोच बी5 के सीट नंबर-64 में भगवान शिव का एक मिनी मंदिर में बनाया गया था। इस मामले पर एआईएमआईएम प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा था। ओवैसी ने इसे लेकर पीएमओ को टैग करते हुए संविधान की प्रस्तावना ट्वीट किया था।

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Prayer recited before departure of Mahakal Express, changed location of Shiva family
काशी महाकाल एक्सप्रेस में मंदिर - फोटो : ANI

वहीं इस पर आईआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अश्विनी श्रीवास्तव ने बताया कि सीट हमेशा के लिए रिजर्व नहीं है। बड़े और अच्छे काम की शुरुआत में पूजा-पाठ किया जाता है। इसीलिए ट्रेन में भगवान शिव का मंदिर बनाया दिया था। वैसे भी ट्रेन में रविवार को किसी यात्री की बुकिंग नहीं थी।

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Prayer recited before departure of Mahakal Express, changed location of Shiva family

आधुनिक सुविधाओं से लैस तृतीय श्रेणी वातानुकूलित यह ट्रेन वाराणसी से चलकर सुल्तानपुर, लखनऊ, कानपुर, झांसी, बीना, भोपाल, उज्जैन के रास्ते इंदौर स्टेशन सुबह के 9.30 बजे पहुंचाएगी। पहले यात्रियों को आईआरसीटीसी ने उपहार देने की योजना बनाई है। इस ट्रेन में सीट बुकिंग कराने के साथ ही यात्री टूर पैकेज की बुकिंग भी करा सकते हैं। आईआरसीटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक अश्विनी श्रीवास्तव ने बताया कि 70 प्रतिशत सीटें फुल हो गईं।

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