Varanasi: रौद्र रूप में पूजे गए काशी के कोतवाल कालभैरव, बाबा के वार्षिक श्रृंगार में भव्य हुआ आयोजन
वार्षिक श्रृंगार पर बाबा कालभैरव के दर्शन के लिए शनिवार अलसुबह से ही मंदिर के बाहर भक्तों की लंबी कतार लगी हुई थी। दोपहर में बाबा काल भैरव की शयन आरती के बाद रजत मुखौटा लगाकर भव्य स्वरूप सजाया गया। शाम में भजन संध्या का आय़ोजन हुआ।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव ने शनिवार को भक्तों को भगवान शिव के रौद्र रूप में दर्शन दिया। वार्षिक श्रृंगार पर बाबा काल भैरव के दर्शन के लिए भोर से ही मंदिर के बाहर भक्तों की लंबी कतार लगी हुई थी। मंदिर का कपाट खुला तो देर रात तक भक्त मंदिर में दर्शन पूजन करते रहे। मंदिर परिसर बाबा काल भैरव के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।
शनिवार को बाबा का दरबार कामिनी की पत्तियों, देसी- विदेशी फूलों, हाई मास्क लाइट, विद्युत झालर से सजाया गया था। मंदिर आने वाले मार्गों पर भी आकर्षक सजावट की गई थी। सुबह 5 बजे महंत पं. सुमित उपाध्याय की अगुवाई में बाबा को पंचमेवा स्नान एवं नवीन वस्त्र धारण कराकर नयनाभिराम झांकी सजाई गई।
भक्तों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन
इसके बाद मंदिर का पट भक्तों के लिए खोला गया। दोपहर 12 बजे काल भैरव मंदिर चौराहे पर भक्तों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। जो देर रात तक चलता रहा। मंदिर के पूर्व महंत स्व. प्रदीप नाथ उपाध्याय को मंदिर प्रांगण में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
दोपहर में बाबा काल भैरव की शयन आरती के बाद रजत मुखौटा लगाकर भव्य स्वरूप सजाया गया। इस दौरान मिष्ठान, फल, पकवान, मदिरा, मोझी, बड़ा, नमकीन का भोग लगाया गया। भजन संध्या में झूम उठे भक्त शाम छह बजे मंदिर परिसर में भजन संध्या का आयोजन किया गया। भक्त भक्ति गीतों पर झूम उठे। मध्य रात्रि में बाबा काल भैरव की सवा लाख बात्तियों से महाआरती की जाएगी।