विश्व बैंक की कमान संभालेंगी काशी की बहू अंशुलाकांत, पत्नी की उपलब्धि पर पति को गर्व
काशी की बहू अंशुलाकांत विश्व बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य वित्त अधिकारी के पद की कमान संभालेंगी। रथयात्रा निवासी सीए संजयकांत की पत्नी अंशुला ने बनारस में एसबीआई मुख्य शाखा सहित करीब दर्जन भर शाखाओं में 1984 से 2002 तक प्रोबेशनरी आफिसर से लेकर चीफ मैनेजर तक जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। बाद में वह एसबीआई की एमडी बनीं।
तत्कालीन रुड़की यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति डॉ भरत सिंह की सुपुत्री अंशुला शुरू से ही मेधावी रहीं। रुड़की में स्कूली शिक्षा के बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज में बीए आनर्स (इकोनामिक्स) किया। उनके पति संजयकांत ने बताया कि वर्तमान में एसबीआई के एमडी पद पर अंशुला अब इस नई जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगी।
संजयकांत ने कहा कि दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनामिक्स से एमए करने के बाद उनकी एसबीआई में 1983 में प्रोबेशनरी ऑफिसर के पद पर तैनाती हुई। मुरादाबाद, लखनऊ में सेवा देने के बाद अंशुला 1984 में बनारस आईं। यहां एसबीआई मुख्य शाखा के साथ ही जगतपुर, सिंधौरा बाजार सहित अन्य शाखाओं में तैनात रहीं। उन्होंने बताया कि उनका संगीत से भी बेहद जुड़ाव है। दो माह पहले ही वो बनारस आई थीं। अगस्त में फिर आएंगी।
संजयकांत के मुताबिक विश्व बैंक में वह जोखिम प्रबंधन का काम देखेंगी और इसकी रिपोर्ट विश्व बैंक के अध्यक्ष को भी देंगी। 2005 में सिंगापुर में एसबीआई को स्थापित करने की जिम्मेदारियों का भी अंशुला ने बखूबी निर्वहन किया। अंशुलाकांत की इस उपलब्धि पर बैंक से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों और शहर के लोगों ने खुशी जताई है। सबने कहा, यह हमारे लिए गौरव का विषय है।
पत्नी की उपलब्धि पर पति को गर्व :
अंशुलाकांत के पति संजयकांत ने कहा कि पत्नी की इस उपलब्धि पर ना केवल मुझे बल्कि पूरे परिवार और रिश्तेदारों व परिचितों को गर्व है। गंगा, बाबा विश्वनाथ के अलावा गंगा आरती आदि से उनका काफी जुड़ाव है। दर्शन पूजन के अलावा बनारस घरानों के संगीत से गहरा लगाव है। यहां के संगीतकारों को खाली समय में सुनती हैं। कई बार हम लोगों के बीच विभिन्न मुद्दों पर डिबेट होती है। कभी वे जीत जाती हैं तो कभी मैं जीत जाता हूं।