वाराणसी: कपसेठी पुलिस का कारनामा, 10 लाख रंगदारी मामले में दो लाख के इनामी बदमाश के खिलाफ लगाई हल्की धाराएं
वाराणसी जिले में कपसेठी थाने की पुलिस की मनमानी का मामला सामने आया है। रंगदारी के एक मामले में यहां की पुलिस ने दो लाख के इनामी बदमाश के खिलाफ़ हल्के धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। मामला जब पुलिस उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आया तो जांच के आदेश दे दिए गए।
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अब इसे पुलिस की लापरवाही माने या फिर जानबूझकर की गई गड़बड़ी। दो लाख के इनामी बदमाश की ओर से पेट्रोल पंप संचालक से मांगी गई दस लाख रुपये की रंगदारी प्रकरण में वाराणसी के कपसेठी थाने की पुलिस ने बदमाश के खिलाफ़ हल्के धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
इतनी हल्की धाराएं कि बदमाश को आसानी से जमानत मिल जाए। यह मामला जब पुलिस उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आया तो आनन-फानन में धाराओं को बदलने की प्रक्रिया शुरू हुई। वहीं इस लापरवाही पर संबंधित के खिलाफ जांच भी बैठा दी गई है।
घोसिला गांव निवासी पेट्रोल पंप संचालक और पॉल्ट्री फॉर्म कारोबारी अंकित सिंह के व्हाट्सएप नंबर पर 13 मई को एक बदमाश ने खुद को मनीष सिंह सोनू बताते हुए 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। इस बीच कई बार बदमाश ने व्हाट्सएप काल करके कारोबारी को रंगदारी नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी। धमकाया भी था कि पुलिस के पास गए तो अंजाम बुरा होगा।
पहले तो इस तरह की धमकी को कारोबारी ने हल्के में लिया लेकिन बाद में उक्त बदमाश के बारे में जानकारी जुटाई तो कारोबारी को पता लगा कि यह तो दो लाख का इनामी कुख्यात अपराधी है। 19 मई की रात कारोबारी की तहरीर के आधार पर कपसेठी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। मुकदमे में रंगदारी मांगने से संबंधित धारा की जगह सात और दो वर्ष की सजा वाले अपराध से संबंधित धारा में मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अमित वर्मा ने बताया कि कारोबारी की ओर से पहले जो तहरीर मिली थी उसके आधार पर ही धाराएं लगाई गईं। बाद में जब कारोबारी का बयान दर्ज हुआ तो धाराएं बढ़ा दी गईं। बदमाश के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 386 के तहत ही कार्रवाई होगी। वहीं कारोबारी की सुरक्षा बढ़ाते हुए अपराधी की तलाश में भी टीमें लगी हुई हैं।
क्या कहते हैं कानून के जानकार
इससे तो साफ तौर पर प्रतीत होता है कि पुलिस आरोपित को बचाने के फिराक में लगी है। उसके खिलाफ हल्के धाराओं में मुकदमा दर्ज कर केवल कोरम पूरा किया गया, जिससे उसे आसानी से कोर्ट से जमानत मिल जाए और वह फिर से अपनी आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे सके।