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वाराणसी पहुंची कैलाश सत्यार्थी की ‘भारत यात्रा’, बाल तस्करी के खिलाफ बुलंद हुई आवाज
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 05 Oct 2017 08:24 PM IST
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‘भारत यात्रा’
- फोटो : अमर उजाला
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नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी के नेतृत्व में बाल यौन शोषण, तस्करी और दुर्व्यवहार के खिलाफ निकली देशव्यापी भारत यात्रा गुरुवार को 50वें दिन काशी पहुंची।
यहां कचहरी स्थित अंबेडकर प्रतिमा से मलदहिया स्थित पटेल मूर्ति तक पैदल यात्रा में काफी लोग शामिल हुए और यात्रा को सफल बनाने एवं बचपन सुरक्षित करने के लिए आह्वान किया। यह यात्रा 11 सितंबर से देश के विभिन्न राज्यों से सात जगहों से एक साथ निकली है।
हालांकि वाराणसी में किन्हीं कारणों से वे शामिल नहीं हो सके। यात्रा में शामिल गोविंद ने बताया कि कन्याकुमारी से चलकर गुवाहाटी, पश्चिम बंगाल, बिहार से होते हुए उत्तर प्रदेश में प्रवेश की है। यात्रा का उद्देश्य देश और दुनिया में बाल यौन शोषण, उनके साथ दुर्व्यवहार के खिलाफ है।
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यह बड़ी सामाजिक बुराई है। कैलाश सत्यार्थी की यह यात्रा शुरूआत है और सामाजिक कुरीति के खिलाफ युद्ध है। यात्रा में बचपन को बचाने और बच्चों के साथ हो रही यौन उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने का आह्वान किया गया।
यात्रा मिर्जापुर, इलाहाबाद होते हुए लखनऊ, आगरा से जयपुर के बाद दिल्ली तक जाएगी। 11 हजार किमी की यह यात्रा 22 राज्यों से होकर दिल्ली पहुंचेगी। मदुरई, बंगलूरू, मुंबई, एमपी, जम्मू-कश्मरी, दिल्ली, उड़ीसा समेत कई राज्यों से होकर जाएगी।
इसमें ग्रामोदय आईटीआई, एसोसिएशन फार पीपल सेक्शन, एपेक्स कॉलेज ऑफ फिजियोथैरेपी और नर्सिंग, अस्मिता चाइल्ड लाइन, चाइल्ड लाइन वाराणसी, मानव विकास सेवा संस्थान, महिला सामाख्या के लोग शामिल हुए।
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यहां कचहरी स्थित अंबेडकर प्रतिमा से मलदहिया स्थित पटेल मूर्ति तक पैदल यात्रा में काफी लोग शामिल हुए और यात्रा को सफल बनाने एवं बचपन सुरक्षित करने के लिए आह्वान किया। यह यात्रा 11 सितंबर से देश के विभिन्न राज्यों से सात जगहों से एक साथ निकली है।
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हालांकि वाराणसी में किन्हीं कारणों से वे शामिल नहीं हो सके। यात्रा में शामिल गोविंद ने बताया कि कन्याकुमारी से चलकर गुवाहाटी, पश्चिम बंगाल, बिहार से होते हुए उत्तर प्रदेश में प्रवेश की है। यात्रा का उद्देश्य देश और दुनिया में बाल यौन शोषण, उनके साथ दुर्व्यवहार के खिलाफ है।
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यह बड़ी सामाजिक बुराई है। कैलाश सत्यार्थी की यह यात्रा शुरूआत है और सामाजिक कुरीति के खिलाफ युद्ध है। यात्रा में बचपन को बचाने और बच्चों के साथ हो रही यौन उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने का आह्वान किया गया।
यात्रा मिर्जापुर, इलाहाबाद होते हुए लखनऊ, आगरा से जयपुर के बाद दिल्ली तक जाएगी। 11 हजार किमी की यह यात्रा 22 राज्यों से होकर दिल्ली पहुंचेगी। मदुरई, बंगलूरू, मुंबई, एमपी, जम्मू-कश्मरी, दिल्ली, उड़ीसा समेत कई राज्यों से होकर जाएगी।
इसमें ग्रामोदय आईटीआई, एसोसिएशन फार पीपल सेक्शन, एपेक्स कॉलेज ऑफ फिजियोथैरेपी और नर्सिंग, अस्मिता चाइल्ड लाइन, चाइल्ड लाइन वाराणसी, मानव विकास सेवा संस्थान, महिला सामाख्या के लोग शामिल हुए।