{"_id":"5b924eee867a55013d119ab6","slug":"kabir-choura-kachaloo-which-is-very-famous-in-varanasi","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कबीरचौरा के कचालू का स्वाद चटपटा और परोसने का अंदाज जुदा, दूर-दूर से खाने पहुंचते हैं लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कबीरचौरा के कचालू का स्वाद चटपटा और परोसने का अंदाज जुदा, दूर-दूर से खाने पहुंचते हैं लोग
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 07 Sep 2018 05:09 PM IST
विज्ञापन
दूर-दूर से खाने पहुंचते हैं लोग, पर्यटक भी लेते हैं स्वाद
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
काशी की गलियों के रहन-सहन की ही तरह खानपान का अंदाज भी जुदा है। स्वाद हो या परोसने का अंदाज, लोगों का दिल जीत लेता है। शाम ढलते ही वाराणसी के कबीरचौरा तिराहे पर चटपटे कचालू की खुशबू दूर-दूर से लोगों को खींच लाती है। उबले आलू के टुकड़ों को तरह-तरह के मसाले में लपेट कर खट्टी, तीखी चटनी और सलाद के साथ जब परोसा जाता है तब ग्राहकों का मुंह पानी से भर जाता है। इसके ऊपर से डाला गया सोहाल इसका स्वाद और बढ़ा देता है। ऊपर से चच्चा (विक्रेता) और ग्राहकों के बीच का संवाद इस स्वाद को और प्रगाढ़ बना देता है। पास ही स्थित नागरी नाटक मंडली में आने वाले कलाकार इसका स्वाद लेना नहीं भूलते।
विज्ञापन
ढूंढते हैं कचालू खाने का बहाना
varanasi
- फोटो : amar ujala
छोटी पियरी के आशू सिंह बताते हैं कि कचालू उनके डेली रुटीन में शामिल हो गया है। नाटी इमली के निवासी गौरव पांडेय ने बताया कि यहां के कचालू का स्वाद भी बिल्कुल अलग है। मैदागिन के राजेश कुमार ने बताया कि यह वर्षों पुरानी दुकान है। दादा जी को भी यहीं खाते देखा और आज वह भी कचालू खाने का बहाना ढूंढते हैं। कचालू के इस स्टाल पर विदेशी सैलानी भी तीखे और चटपटे स्वाद का आनंद लेते नजर आते हैं। स्वाद के साथ-साथ स्ट्रीट फूड की सेल्फी लेना नहीं भूलते।