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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jitendra Singh Bisen said, my life is in danger: the process of power of attorney will be completed within two

Gyanvapi: जितेंद्र सिंह बिसेन बोले, मेरी जान को है खतरा, दो दिन के भीतर पूरी होगी पावर ऑफ अटॉर्नी की प्रक्रिया

Tue, 01 Nov 2022 09:34 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Tue, 01 Nov 2022 09:34 AM IST
सार

विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह बिसेन का कहना है कि वह और उनका परिवार पिछले 15 दिनों से इसी वजह से छुपकर रह रहा है। बिसेन का कहना है किउनकी पावर ऑफ अटॉर्नी योगी आदित्यनाथ को अति शीघ्र सौंपने की घोषणा के विषय में सभी तरह की लीगल फॉर्मेलिटीज 15 नवंबर तक पूरी कर ली जाएंगी।

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Jitendra Singh Bisen said, my life is in danger: the process of power of attorney will be completed within two
जितेंद्र सिंह बिसेन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह बिसेन ने अपनी जान का खतरा बताया है। उनका कहना है कि वह और उनका परिवार पिछले 15 दिनों से इसी वजह से छुपकर रह रहा है।

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मीडिया को जारी एक वक्तव्य में  बिसेन का कहना है कि ज्ञानवापी प्रकरण से जुड़े हुए सभी मुकदमे जो विश्व वैदिक सनातन संघ के द्वारा संचालित हैं। उनकी पावर ऑफ अटॉर्नी योगी आदित्यनाथ को अति शीघ्र सौंपने की घोषणा के विषय में सभी तरह की लीगल फॉर्मेलिटीज 15 नवंबर तक पूरी कर ली जाएंगी। अब जिस तरह की परिस्थितियां चल रही है,उसको लेकर मेरे द्वारा यह निर्णय लिया गया है, की इस कार्यवाही को दो दिन के भीतर पूरा करा लिया जाएगा।

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बिसेन का कहना है इस कार्यवाही के पीछे वैसे तो कई कारण है,लेकिन जैसा मैंने पहले भी कई बार मीडिया के माध्यम से समाज को अवगत करवाया था की ज्ञानवापी के बहाने देश विरोधी शक्तियां देश में सांप्रदायिक दंगे करवाकर देश को क्षति पहुंचाना चाह रही हैं। उनके इस षड्यंत्र में मैं बहुत बड़ी बाधा बन चुका हूं। इस कारण मैं और  मेरा परिवार उन लोगों के निशाने पर हैं। ऐसे में मेरे परिवार की कभी भी किसी माध्यम से भी हत्या करवाई जा सकती है। यदि ऐसा हो गया तो ज्ञानवापी प्रकरण में कई प्रकार से बाधा उत्पन्न हो जाएगी। इस पर 
बहुत विचार करने के बाद ही मैं इस निष्कर्ष पर पहुंचा था कि  सभी मामलों की पावर ऑफ अटॉर्नी योगी आदित्यनाथ को सौंपने से यह विषय पूर्ण रूप से सुरक्षित हो जाएगा। 

मुख्यमंत्री नही गोरक्षा पीठ के महंत को सौंपना चाहते हैं पावर आफ अटॉर्नी
बिसेन ने यह भी कहा है कि मैं एक बार और स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि हमारे द्वारा यह सभी पावर ऑफ अटॉर्नी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को नहीं सौंपी जा रही बल्कि गौ रक्षा पीठ के महंत योगी आदित्यनाथ  को सौंपी जा रही हैं। मैंने पहले भी कई बार शासन और प्रशासन को अवगत करवाया है लेकिन शासन प्रशासन के द्वारा उपरोक्त विषय पर किसी प्रकार की कोई निर्णय कार्यवाही नहीं हुई है ऐसा इसलिए है कि देश विरोधी शक्तियों के साथ शासन प्रशासन के कुछ अधिकारी मिले हुए हैं। जिनका उद्देश्य देश की शांति व्यवस्था को भंग करके देश में दंगे करवाने का है।
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