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सावधान! झारखंड के बच्चे वाराणसी आकर चुरा रहे मोबाइल, विदेशों में की जा रही सप्लाई, ऐसे हुआ खुलासा

Tue, 05 Jan 2021 01:02 AM IST
विचित्र सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: विचित्र सिंह Updated Tue, 05 Jan 2021 01:02 AM IST
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Jharkhand children come to Varanasi to theft mobiles
प्रतीकात्मक तस्वीर

झारखंड के बच्चों को पैसे का लालच देकर वाराणसी के भीड़भाड़ वाले स्थानों से लोगों के मोबाइल चुराने का काम किया जाता है। दो किशोरों और एक युवक को 114 मोबाइल के साथ गिरफ्तार कर यह खुलासा कैंट थाने की पुलिस ने किया है। बरामद मोबाइल की कीमत लगभग 20 लाख रुपये बताई गई है। प्रकरण में गिरोह के सरगना और उसके एक साथी की पुलिस को तलाश है। पूछताछ में सामने आया कि चोरी के मोबाइल की खेप विदेशों तक पहुंचाई जा रही है। 

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सीओ कैंट एएसपी अभिमन्यु मांगलिक ने सोमवार को बताया कि हाल के दिनों में कैंट क्षेत्र के भीड़भाड़ वाले स्थानों से कई लोगों के मोबाइल गायब होने की शिकायत मिली थी। इन घटनाओं के खुलासे के लिए इंस्पेक्टर कैंट राकेश कुमार सिंह की देखरेख में कैंट थाने की क्राइम टीम के दरोगा अमित कुमार राय के नेतृत्व में रामानंद यादव, अखिलेश गिरी और अमरजीत यादव आदि की टीम गठित की गई थी।

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सीसी कैमरों की फुटेज खंगाली गई तो सामने आया...

घटनास्थलों के आसपास लगे सीसी कैमरों की फुटेज खंगाली गई तो सामने आया कि कुछ बच्चे हैं, जो लोगों की जेब से मौका देखते ही मोबाइल चुरा कर भाग जाते हैं। सुरागकशी कर सिगरा थाने के माधोपुर निवासी ओमप्रकाश गिरी और दो किशोरों को चोरी के 114 मोबाइल के साथ पांडेयपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। इस गिरोह के सरगना झारखंड के साहबगंज जिले के तीन पहाड़ निवासी श्रवण महतो उर्फ मोकामा और उसी के गांव के रहने वाले उसके दोस्त बाया महतो की तलाश की जा रही है।

तगड़े मुनाफे का झांसा देकर झारखंड से श्रवण लाता है किशोरों को


दोनों किशोरों ने बताया कि झारखंड के गरीब परिवारों के बच्चों को श्रवण कम समय में तगड़ी कमाई का लालच देकर अलग-अलग शहरों में ले जाता है। इसके बाद किराये का कमरा लेकर उन्हें रखता है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर किशोर जाते हैं और लोगों को बातों में उलझा कर या अन्य तरीके से झांसा देकर मोबाइल चुरा लेते हैं। चुराने वाला बच्चा रहता है इसीलिए उस पर किसी को शक भी नहीं होता है और कुछेक जगह पकड़े जाने पर लोग दो-चार थप्पड़ मार कर छोड़ देते हैं। चोरी के मोबाइल को एकत्रित कर तीन पहाड़ पहुंचा दिया जाता है और वहां से मालदा, कोलकाता भेज दिया जाता है। इसके बाद चोरी के सभी मोबाइल नेपाल और बांग्लादेश भेज दिए जाते हैं। इस काम में सभी को अच्छा पैसा मिलता है। उधर, कैंट थाने की पुलिस द्वारा भारी मात्रा में चोरी के मोबाइल बरामद करने की सूचना पर कई भुक्तभोगी भी पहुंचे थे। सभी बरामद मोबाइल में से अपने की तस्दीक करने में जुटे थे।

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