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जाम ने चकरघिन्नी बना दिया
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 28 Jul 2016 01:21 AM IST
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मालगाड़ी का इंजन बेपटरी होने के बाद भिखारीपुर ककरमत्ता मार्ग पर लगा भीषण जाम।
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मंडुवाडीह-ककरमत्ता मार्ग पर एफसीआई गेट क्रॉसिंग के समीप मालगाड़ी का इंजन के बेपटरी होने के बाद हजारों राहगीरों को तकरीबन 11 घंटे से अधिक जाम से जूझना पड़ा। मंडुवाडीह-ककरमत्ता मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह ठप होने से आसपास के संपर्क मार्ग और गलियां भी जाम की चपेट में आ गई। लोगों ने डीरेका परिसर से होकर निकलने की कोशिश की तो वहां भी जाम लग गया। डीरेका गेट से परिसर स्थित सिनेमा हाल तक वाहनों की कतार लग गई। बोगियों को अलग कर यार्ड ले जाने के बाद इंजन को पटरी पर लाने की मशक्कत देर रात तक चली। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों और मरीजों को हुई। स्कूली वाहनों के साथ कई एंबुलेंस जाम में फंसी रहीं।
मंडुवाडीह-ककरमत्ता मुख्य मार्ग पर आवाजाही ठप होने का असर भिखारीपुर तिराहे से मंडुवाडीह-महमूरगंज तक पड़ा। यह पूरा इलाका रात सवा नौ बजे तक जाम की चपेट में रहा। डीरेका गेट से परिसर स्थित सिनेमा हाल तक वाहनों की लंबी कतार के बीच कदम रखने की जगह नहीं थी। यातायात दबाव का असर ककरमत्ता फ्लाईओवर की सर्विस रोड और ककरमत्ता से मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन की रोड पर भी दिखा। इस दौरान स्कूल-कॉलेज के वाहनों में बैठे बच्चे, एंबुलेंस में मौजूद मरीज और डीरेका परिसर में रहने वालों को पस्त हो जाना पड़ा। वैकल्पिक मार्गों से निकलने की होड़ में जुटे वाहन चालकों और राहगीरों को नियंत्रित करने में पुलिस कर्मी जुटे रहे लेकिन उनकी कवायद नाकाफी साबित हुई। भिखारीपुर तिराहा से डीरेका गेट, डीरेका गेट से परिसर स्थित सिनेमा हाल, ककरमत्ता फ्लाईओवर के नीचे, न्यू कॉलोनी-पटिया मार्ग, जानकी नगर कॉलोनी-बजरडीहा मार्ग पर सहित आसपास के अन्य रास्तों पर देर शाम तक जाम से निजात नहीं मिल पाई थी, न ही इंजन को पटरी पर लाया जा सका था। रेलवे की टीम मशक्कत में जुटी थी। रात साढ़े नौ बजे तक पांच पहिये पटरी पर लाए जा चुके थे।
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मंडुवाडीह-ककरमत्ता मुख्य मार्ग पर आवाजाही ठप होने का असर भिखारीपुर तिराहे से मंडुवाडीह-महमूरगंज तक पड़ा। यह पूरा इलाका रात सवा नौ बजे तक जाम की चपेट में रहा। डीरेका गेट से परिसर स्थित सिनेमा हाल तक वाहनों की लंबी कतार के बीच कदम रखने की जगह नहीं थी। यातायात दबाव का असर ककरमत्ता फ्लाईओवर की सर्विस रोड और ककरमत्ता से मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन की रोड पर भी दिखा। इस दौरान स्कूल-कॉलेज के वाहनों में बैठे बच्चे, एंबुलेंस में मौजूद मरीज और डीरेका परिसर में रहने वालों को पस्त हो जाना पड़ा। वैकल्पिक मार्गों से निकलने की होड़ में जुटे वाहन चालकों और राहगीरों को नियंत्रित करने में पुलिस कर्मी जुटे रहे लेकिन उनकी कवायद नाकाफी साबित हुई। भिखारीपुर तिराहा से डीरेका गेट, डीरेका गेट से परिसर स्थित सिनेमा हाल, ककरमत्ता फ्लाईओवर के नीचे, न्यू कॉलोनी-पटिया मार्ग, जानकी नगर कॉलोनी-बजरडीहा मार्ग पर सहित आसपास के अन्य रास्तों पर देर शाम तक जाम से निजात नहीं मिल पाई थी, न ही इंजन को पटरी पर लाया जा सका था। रेलवे की टीम मशक्कत में जुटी थी। रात साढ़े नौ बजे तक पांच पहिये पटरी पर लाए जा चुके थे।
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