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Varanasi News: सम्मेद शिखर तीर्थ को पर्यटन क्षेत्र घोषित करने से जैन समाज आहत

Wed, 21 Dec 2022 11:30 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 21 Dec 2022 11:30 PM IST
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Jain society hurt by declaring Sammed Shikhar Tirth as tourist area
सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल घोषित करने पर जैन समुदाय की नाराजगी सड़क पर देखने को मिली। लोगों ने अपनी दुकानें बंद कर जुलूस निकाला और प्रधानमंत्री के नाम से ज्ञापन भी अधिकारियों को सौंपा। प्रधानमंत्री से तीर्थराज को फिर से जैन धर्म का तीर्थ क्षेत्र घोषित करने की मांग की। शांतिपूर्ण मार्च के दौरान जैन समाज के लोगों ने झारखंड सरकार को जल्द से जल्द अपना फैसला वापस लेने की चेतावनी भी दी।
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श्री दिगंबर जैन समाज की ओर भगवान पार्श्वनाथ की जन्मस्थली से विरोध जुलूस निकाला गया। महिलाएं, पुरुष व बच्चे हाथ में बैनर लेकर चल रहे थे। मंदिर से जुलूस जैसे ही भेलूपुर थाने पहुंचा वहां से उसे वापस मंदिर की तरफ भेज दिया गया। समाज के लोगों ने प्रधानमंत्री के नाम से संबोधित पत्रक एसीपी प्रवीण सिंह को सौंपा। इसके बाद जुलूस वापस मंदिर पहुंचा। सभा को संबोधित करते हुए मुनि अरह सागर ने कहा कि सम्मेद शिखर जी शाश्वत तीर्थ क्षेत्र है था और रहेगा । वन व पर्यटन विभाग द्वारा इसे पर्यटन स्थल घोषित किया है। इससे संपूर्ण भारत के जैन समाज व साधु-संत आहत हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से जैन धर्म की भावनाओं का सम्मान कर पूजन स्थल को जैन धर्म का प्रमुख तीर्थ स्थल घोषित करने की मांग की। आयोजन में श्री दिगंबर जैन समाज, श्वेतांबर जैन समाज, स्याद्वाद विद्यालय, जैन महा समिति, जैन मिलन, जैन महिला संगठन, पद्मावती महिला मंडल की सहभागिता रही। इस दौरान प्रमिला सांवरिया, प्रवीण जैन, राकेश जैन, विनय जैन, विनोद जैन, सुधीर पोद्दार, सौरभ जैन आदि मौजूद रहे।
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भावनाओं का ध्यान रखे झारखंड सरकार
वाराणसी। जैन समाज के अध्यक्ष दीपक जैन, उपाध्यक्ष राजेश जैन, प्रधानमंत्री अरुण जैन व संजय जैन ने राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार रविंद्र जायसवाल को ज्ञापन सौंपा। राज्यमंत्री ने कहा कि पहली नजर में यह प्रतीत होता है जो हुआ है वो अनुचित है। झारखंड सरकार को जैन समाज की भावनाओं को ध्यान में रख तीर्थ स्थल को मांस मंदिरा से पूरी तरह निषेध घोषित कर देना चाहिए। हम जैन समाज की मांगों को प्रधानमंत्री तक पहुंचाएंगे। प्रदेश सरकार जल्द ही काशी को जैन सर्किट घोषित करने जा रही है। इसमें जैन तीर्थ क्षेत्र के आसपास का इलाका मांस मदिरा से मुक्त रहेगा। ब्यूरो
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