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आठ सौ मीटर लाइन डालने में लगे आठ साल, जांच के लिए टीम गठित

Wed, 07 Jul 2021 01:09 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 07 Jul 2021 01:09 AM IST
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It took eight years to lay eight hundred meter line, team formed for investigation
सिगरा-महमूरगंज मार्ग पर सीवर लाइन डालने के मामले में बरती गई अनियमितताओं की जांच के लिए शासन से चार सदस्यीय टेकिभनकल एंड आडिट कमेटी(टीएसी) गठित कर दी गई, जो मामले की जांच करेगी और एक सप्ताह में अपनी रिपोर्ट देगी। प्रबंध निदेशक अनिल कुमार की ओर से इस आदेश का पत्र जारी किया गया है। इस मामले को सपा एमएलसी शतरुद्र प्रकाश ने विधान परिषद की अंकुश समिति की बैठक मेें 16 मार्च को उठाया था। इसमें अपर मुख्य सचिव नगर विकास को निर्देशित किया गया था कि समिति की अगली बैठक में इस मामले की जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा गया। सपा एमएलसी ने जानकारी दी थी कि 800 मीटर लंबी सिगरा-महमूरगंज सीवर पाइप डालने में 8 साल क्यों लगे। प्रति 100 मीटर पाइप लाइन बिछाने में 100.25 लाख रुपये खर्च (एक मीटर पर 1.25 लाख) लापरवाही व मनमानी की गई। 800 मीटर सीवर पाइप लाइन बिछाने में 10 करोड़ रुपये क्यों खर्च हो गए। 13वें वित्त आयोग की ओर से प्रथम चरण में जेएनएनयूआरएम के तहत जल निगम की गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की ओर से वर्ष 2012-13 में शुरू की गई। योजना को अमृत योजना के अंतर्गत वर्ष 2020 में किसी तरह पूरा किया गया।
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कमेटी में अधीक्षण अभियंता टीएसी संजय कुमार जैन, अधिशासी अभियंता शिकायत राजेश कुमार, कार्यकारी अधिशासी अभियंता टीएसी मोहम्मद सुलेमान खान तथा लेखाकार व कार्यकारी सहायक लेखाधिकारी शामिल हैं।
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पाइप डालने में सात ठेकेदार लगे
आठ साल में आठ सौ मीटर सीवर पाइप लाइन डालने के लिए जल निगम ने सात ठेकेदारों को टेंडर किया था। 2012 से लेकर 2020 तक काम चला। सभी ठेकेदार काम अधूरा छोड़ कर भाग गए थे। 2018 में मेसर्स हरिमोहन शर्मा कंपनी को 6.86 करोड़ रुपये का ठेका दिया गया था। वह कंपनी भी अधूरा काम छोड़ कर भाग गई थी। इसमें जीएम जल निगम तक सस्पेंड हुए थे। दरअसल, पूरा काम बिना सर्वे के किया गया। इससे पाइपों की ऊंचाई एक बराबर न होकर ऊपर नीचे हो गई थी। सिगरा ईसाई बस्ती के सामने शंभू यादव के मकान के नीचे सीवर पाइप चली गई। इससे सीवर ओवरफ्लो की समस्या हुई। जिसे ठीक कराने में तीन साल लग गए। बनने के बाद भी अभी पूरी तरह से लोगों को राहत नहीं मिल रही है।
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