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वाराणसी में बनेगा आईटी पार्क, डीएम ने भेजी जमीन की जानकारी
ब्यूरो, अमर उजाला, लखनऊ/ वाराणसी
Updated Thu, 13 Jul 2017 03:12 PM IST
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it park(Demo)
- फोटो : demo pic
राज्य सरकार लखनऊ में यूपीडीपीएल की 40 एकड़ खाली भूमि पर देश के सबसे बड़े इन्क्यूबेटर की स्थापना के साथ ही आईटी पार्क, सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क और डाटा सेंटर के साथ-साथ वाराणसी और बरेली में आईटी पार्कों की स्थापना भी करेगी।
आईटी पार्कों में 2500 युवाओं को रोजगार मिलेगा। इन पार्कों के लिए जमीन मुहैया कराने के निर्देश मिलने के बाद डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने बुधवार शाम पिंडरा तहसील के बाबतपुर में पौने दो एकड़ जमीन उपलब्ध होने की जानकारी शासन को भेज दी है।
शासन को बताया गया है कि जमीन लखनऊ-वाराणसी नेशनल हाईवे पर है। माना जा रहा है कि शासन की टीम जल्दी ही यहां सर्वे करने आएगी।
बुधवार को मुख्य सचिव राजीव कुमार ने आईटी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए संबंधित विभाग के वरिष्ठ अफसरों के साथ बैठक की।
इस दौरान बरेली में जिला कारागार शिफ्ट होने पर खाली होने वाली 84 एकड़ जमीन की उपयोगिता के बारे में प्रस्ताव 17 जुलाई तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस भूमि में से अधिकतम पांच एकड़ भूमि सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क की स्थापना के लिए आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग को आवंटित की जाएगी।
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राजीव कुमार ने कहा कि प्रदेश के टियर-2 और टियर-3 के शहरों में विकसित आईटी पार्क की स्थापना होने से क्षेत्रीय विकास के साथ-साथ नये उद्यमियों को व्यवसाय शुरू करने के मौके भी मिलेंगे। युवाओं को रोजगार मिलने के साथ ही निर्यात और सकल घरेलू उत्पादन में भी वृद्धि होगी।
बैठक में बताया गया कि आईटी पार्क और सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क की स्थापना के लिए करीब दो से पांच एकड़ तक भूमि राज्य सरकार की ओर से केंद्र सरकार के उपक्रम सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) को उपलब्ध कराई जाती है।
इस पर एसटीपीआई 20.25 करोड़ रुपये से न्यूनतम 15000 वर्गमीटर क्षेत्र में निर्माण कराकर सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क विकसित करती है।
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आईटी पार्कों में 2500 युवाओं को रोजगार मिलेगा। इन पार्कों के लिए जमीन मुहैया कराने के निर्देश मिलने के बाद डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने बुधवार शाम पिंडरा तहसील के बाबतपुर में पौने दो एकड़ जमीन उपलब्ध होने की जानकारी शासन को भेज दी है।
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शासन को बताया गया है कि जमीन लखनऊ-वाराणसी नेशनल हाईवे पर है। माना जा रहा है कि शासन की टीम जल्दी ही यहां सर्वे करने आएगी।
बुधवार को मुख्य सचिव राजीव कुमार ने आईटी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए संबंधित विभाग के वरिष्ठ अफसरों के साथ बैठक की।
इस दौरान बरेली में जिला कारागार शिफ्ट होने पर खाली होने वाली 84 एकड़ जमीन की उपयोगिता के बारे में प्रस्ताव 17 जुलाई तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस भूमि में से अधिकतम पांच एकड़ भूमि सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क की स्थापना के लिए आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग को आवंटित की जाएगी।
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राजीव कुमार ने कहा कि प्रदेश के टियर-2 और टियर-3 के शहरों में विकसित आईटी पार्क की स्थापना होने से क्षेत्रीय विकास के साथ-साथ नये उद्यमियों को व्यवसाय शुरू करने के मौके भी मिलेंगे। युवाओं को रोजगार मिलने के साथ ही निर्यात और सकल घरेलू उत्पादन में भी वृद्धि होगी।
बैठक में बताया गया कि आईटी पार्क और सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क की स्थापना के लिए करीब दो से पांच एकड़ तक भूमि राज्य सरकार की ओर से केंद्र सरकार के उपक्रम सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) को उपलब्ध कराई जाती है।
इस पर एसटीपीआई 20.25 करोड़ रुपये से न्यूनतम 15000 वर्गमीटर क्षेत्र में निर्माण कराकर सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क विकसित करती है।
लखनऊ में बनेगा देश का सबसे बड़ा इन्क्यूबेटर
it park(Demo)
इस पार्क को सॉफ्टवेयर कंपनियों और उद्यमियों को उपलब्ध कराया जाता है। लखनऊ में यूपीडीपीएल की 40 एकड़ भूमि आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग को उपलब्ध कराया जाना प्रस्तावित है। इस पर विभाग देश के सबसे बड़े इन्क्यूबेटर की स्थापना के साथ-साथ आईटी पार्क, सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क और डाटा सेंटर की की स्थापना करेगा। इन्क्यूबेटर में छोटे उद्यमियों को प्रशिक्षित स्टाफ और यंत्र मुहैया कराए जाते हैं, ताकि उन्हें उत्पादन में मदद मिल सके। बैठक में अपर मुख्य सचिव, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स संजीव सरन, प्रमुख सचिव राजस्व रजनीश दुबे, प्रमुख सचिव गृह एवं कारागार अरविंद कुमार भी मौजूद रहे।