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युवाओं में बढ़ रही आंत की बीमारी, सावधानी जरूरी

Wed, 19 May 2021 01:07 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 19 May 2021 01:07 AM IST
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Intestinal disease increasing among youth, caution is necessary
कोरोना काल में सामान्य बीमारियों के मरीजों को भी सेहत के प्रति सतर्कता बरतने की जरूरत है। इस समय युवाओं में विशेषकर आंत संबंधी बीमारी इंफ्लामेटरी बाउल डिजीज (आईबीडी ) बढ़ती जा रही है। इसमें 15 से 35 साल वालों की संख्या अधिक है। बीएचयू में जनवरी से चल रही आईबीडी क्लीनिक के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। गैस्ट्रोएंटरोलॉजी डिपार्टमेंट के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. देवेश यादव ने बताया कि हर साल 19 मई को आईबीडी दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि धीरे-धीरे इस बीमारी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। 15 से 35 साल तक की उम्र के लोगों में बीमारी ज्यादा पाई जाती है। अनुवांशिक और पर्यावरण संबंधी कारण तो इसके हैं ही तनाव और कुछ खाने की चीजें भी लक्षणों को बढ़ा देती हैं। अगर दस्त, तुरंत शौच जाने की जरूरत, पेट में ऐंठन, भूख की कमी और बुखार जैसे लक्षण हो तो तुरंत गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट की सलाह लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस बीमारी से पीड़ित होने पर कोरोना का खतरा बढ़ने का कोई प्रमाण नहीं है। ऐसे में मरीजों को अपना उपचार भी जारी रखना चाहिए। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा लेनी नहीं चाहिए।
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