काशी में मंदिरों का महाकुंभ: विहिप के महामंत्री मिलिंद बोले- मंदिर सरकार नहीं बल्कि ट्रस्ट के नियंत्रण में हो
वाराणसी में आयोजित इंटरनेशनल टेंपल्स कन्वेंशन एंड एक्सपो के समापन समारोह को विश्व हिंदू परिषद के महामंत्री महामंत्री मिलिंद परांडे ने संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने अयोध्या में बन रहे राम मंदिर निर्माण की खूबियां बताईं
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विश्व हिंदू परिषद के महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा कि हिंदुओं के धन का उपयोग हिंदू धर्म के काम में होना चाहिए। मंदिरों और मठों से होने वाली आय हिंदू धर्म के कल्याण के लिए खर्च हो, ये महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आज भी हिंदू धार्मिक स्थलों की जमीन का उपयोग ईसाई और मुस्लिम कर रहे हैं। इसलिए ये जरूरी है कि मंदिर सरकार नहीं बल्कि ट्रस्ट के नियंत्रण में हो।
ये बातें उन्होंने वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित तीन दिवसीय इंटरनेशनल टेंपल्स कन्वेंशन एंड एक्सपो के समापन समारोह में कहीं। उन्होंने कहा कि सरकारी नियंत्रण से मंदिरों को निकालने में विहिप लगा हुआ है। उनकी मदद की जा रही है। बताया कि अयोध्या का राम मंदिर सरकार के नियंत्रण में नहीं है। वहां रामजन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट कार्य कर रहा है।
रामनवमी पर राम के ललाट पर पड़ेगी सूर्य की किरणें
आगामी 15 जनवरी से 24 जनवरी 2024 तक अयोध्या में भगवान राम के मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम चलेगा। बताया कि राम मंदिर का निर्माण इस तरह से हो रहा है कि साल में एक बार रामनवमी पर भगवान राम के ललाट पर सूर्य की किरणें पड़ेंगी। राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर में पांच लाख से अधिक गांवों का दौरा किया गया।
केवल 46 दिनों में 12.75 करोड़ परिवारों से लगभग 3200 करोड़ रुपये एकत्रित किए। एक समुदाय के रूप में यह हमारे लिए एक अभूतपूर्व उपलब्धि रही है। मिलिंद परांडे के मुताबिक राम मंदिर के निर्माण के दौरान जमीन के समतलीकरण और खोदाई के दौरान एक शिवलिंग, खंभे और टूटी मूर्तियां मिलीं थीं। ये दर्शाती हैं कि इतिहास में अलग-अलग समय में एक ही स्थान पर एक नहीं बल्कि दो मंदिर मौजूद थे। व्यापक शोध और विश्लेषण से संकेत मिलते हैं कि मंदिर के नीचे बहने वाली सरयू नदी की एक धारा के कारण, ये मंदिर जमीन से नीचे चले गए थे।
मंदिर की सुरक्षा के लिए हमने मंदिर की संरचना में बाधा डालने वाली पानी की गति व शक्ति को नियंत्रित करने के लिए एक सुरक्षा दीवार का निर्माण किया है। इसमें आईआईटी चेन्नई ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
ज्ञानवापी का सर्वे होना अच्छी बात
पत्रकारों के बातचीत में मिलिंद परांडे ने कहा कि ज्ञानवापी का सर्वे होना अच्छी बात है। हिंदू समाज जो संकल्प करता है उसे पूर्ण करता है। मणिपुर हिंसा के सवाल पर कहा कि यह दो समुदायों के बीच का मामला है। इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। उनके बीच शांति स्थापित करने के प्रयास होना चाहिए। विहिप उन समुदायों के बच्चों की शिक्षा के लिए प्रयासरत है।