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अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज गगन नारंग ने बताया- पहली बार इस सोच के साथ तैयारी कर रहे खिलाड़ी

Mon, 09 Oct 2017 02:11 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Mon, 09 Oct 2017 02:11 PM IST
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 international shooter gagan narang talks about  future planing
अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज गगन नारंग - फोटो : अमर उजाला
निशानेबाजी को बढ़ावा देने के लिए जरूरी है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में छोटे-छोटे शूटिंग रेंज खोले जाएं। एक जगह बड़ा शूटिंग रेंज बनाने के बजाए अलग-अलग हिस्सों में छोटे-छोटे शूटिंग रेंज से अधिक खिलाड़ियों को प्रैक्टिस के मौके मिलेंगे।
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यह कहना है अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज गगन नारंग का। रविवार को यहां सामनेघाट स्थित सनबीम एकेडमी में आयोजित शूटिंग चैंपियनशिप में आए नारंग ने कहा कि भारत में खेल का चेहरा तेजी से बदल रहा है।
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लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जितने वाले इस खिलाड़ी ने कहा कि पहली बार ऐसा हो रहा है जब चार साल नहीं बल्कि आठ साल आगे की सोच के साथ खिलाड़ी तैयारी में जुटे हैं। सबका ट्रेनिंग प्लान जमा हो गया है। सुव्यवस्थित तैयारी के आगे चलकर निश्चित रूप से बेहतर नतीजे सामने आएंगे।
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नारंग ने कहा कि रियो ओलंपिक की गलतियों से सबक लेकर आगे बढ़ा जा रहा है। शूटिंग की तैयारी अच्छी चल रही है। जूनियर टीम अच्छा कर रही है। ओलंपिक से पहले कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।

यूपी ही नहीं देश के अन्य राज्यों में भी सुविधाओं की कमी

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गगन नारंग
 एक सवाल पर कहा कि उत्तर प्रदेश के साथ ही देश के अन्य हिस्सों में खेलों के लिए आधारभूत सुविधाओं की कमी है। खेलों के विकास के लिए आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाया जाना जरूरी है। शूटिंग के नए खिलाड़ियों को उन्होंने सफलता के लिए मंत्र भी दिए।

कहा कि कामयाबी के लिए दृढ़ निश्चय, शूटिंग रेंज और अच्छी एकेडमी, ये तीनों जरूरी हैं। कहा कि किसी के जीवन में सफलता किसी एक की वजह से नहीं मिलती।  सफलता का कोई शार्टकट भी नहीं होता। अच्छा खिलाड़ी बनने के लिए भरपूर मेहनत और अच्छे मार्गदर्शक का होना अत्यंत आवश्यक है।

 खिलाड़ियों को सप्ताह में तीन से चार दिन प्रैक्टिस जरूर करनी चाहिए। कहा कि शुरू में बच्चों को एक खेल में बांध कर नहीं रखना चाहिए, धीरे-धीरे खुद उसका फोकस एक खेल पर हो जाएगा। वह खुद क्रिकेट, बाद में टेनिस और फिर शूटिंग से जुड़े । 
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