International Olympic Day 2022: खेल की दुनिया में भी बज रहा वाराणसी का डंका, 10 ओलंपियन का काशी से रहा नाता
पूर्वांचल में बनारस को खेलों की नर्सरी भी कहते हैं। विश्व ओलंपिक दिवस पर हम आपको काशी की समृद्ध खेल विरासत से रूबरू कराते हैं।
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वाराणसी जिले में आज ओलंपिक दिवस मनाया जा रहा है। सिगरा स्टेडियम में जिला ओलंपिक संघ की ओर से कई खेल कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया है , जहां काशी के ओलंपियनों को भी याद किया जाएगा। जिला, प्रदेश, देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनारसी खिलाड़ियों का जादू सर चढ़कर बोलता है। एथलेटिक्स, हॉकी, कुश्ती और तीरंदाजी में बनारस ने 10 ओलंपियन दिए हैं, अनंत राम भार्गव से शुरू हुआ यह सिलसिला आज भी जारी है।
हॉकी खिलाड़ी ललित उपाध्याय ने टोक्यो ओलंपिक में 41 साल बाद कांस्य पदक इस परंपरा को आगे बढ़ाया। धर्म कला और संस्कृति की नगरी काशी ने भी खेल की दुनिया को नायाब हीरे दिए हैं। खेल जगत में बनारस का डंका देश ही नहीं सात समंदर पार भी बजता है। पूर्वांचल में बनारस को खेलों की नर्सरी भी कहते हैं। विश्व ओलंपिक दिवस पर हम आपको काशी की समृद्ध खेल विरासत से रूबरू कराते हैं।
1948 से शुरू हुआ ओलंपिक से बनारस का रिश्ता
गायघाट के रहने वाले पहलवान अनंत राम भार्गव ने 1948 लंदन ओलंपिक में हिस्सा लिया था। चितईपुर के रहने वाले एथलीट गुलजारा सिंह ने 1952 के हेलसिंकी ओलंपिक में हिस्सा लिया। कोइरीपुर खुर्द के रहने वाले चिक्कन पांडेय (लक्ष्मीकांत पांडेय) ने 1956 के मेलबर्न ओलंपिक में हिस्सा लिया था।
1980 के मास्को ओलंपिक के खजूरी के हॉकी के उस्ताद मोहम्मद शाहिद, 1988 के सियोल ओलंपिक में हॉकी खिलाड़ी विवेक सिंह और 1996 के अटलांटा ओलंपिक में हॉकी खिलाड़ी राहुल सिंह ने हिस्सा लिया। दारानगर के रहने वाले संजीव सिंह ने 1988 के सियोल ओलंपिक में तीरंदाजी में हिस्सा लिया।
सुसवाही के संजय राय ने 2000 के सिडनी ओलंपिक की लंबी कूद में प्रतिभाग किया था। 2012 के लंदन ओलंपिक में चोलापुर के निमा मुमेरी गांव के नरसिंह यादव काशी का मान बढ़ा चुके हैं। 2012 के लंदन ओलंपिक में चोलापुर के बबियाव के एथलीट राम सिंह ने मैराथन में हिस्सा लिया था। बीते 2020 के टोक्यो ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम में ललित उपाध्याय और रामनगर के रहने वाले शिवपाल सिंह का चयन हुआ था।
देश में खेल का माहौल पहले से काफी बदला
ओलंपियन राहुल सिंह ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह से खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया है, उससे खिलाड़ियों में काफी उत्साह है। जिसका परिणाम लगातार देखने को मिल रहा है। भारतीय हॉकी टीम के अहम सदस्य ओलंपियन ललित उपाध्याय ने कहा कि देश में खेल का माहौल पहले से काफी बदल गया। खिलाड़ियों को खेलो इंडिया, साई और खेल विभाग से मिलने वाली सुविधाओं और सम्मान से खिलाड़ियों उत्साह बढ़ा है।