{"_id":"5bf5ae9ebdec22699c0c2314","slug":"inocent-maksood-release-from-jail-who-accused-for-cow-smuggling","type":"story","status":"publish","title_hn":"आजमगढ़: निर्दोष मकसूद जेल से रिहा, पशु तस्करी के आरोप में पुलिस ने किया था चालान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आजमगढ़: निर्दोष मकसूद जेल से रिहा, पशु तस्करी के आरोप में पुलिस ने किया था चालान
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 22 Nov 2018 12:44 AM IST
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मो. मकसूद
- फोटो : अमर उजाला
नौ दिनों बाद बुधवार की सुबह आठ बजे मो. मकसूद रिहा कर दिया गया। वह जैसे ही अपने घर पहुंचा तो पत्नी और बच्चे लिपटकर रोने लगे। बाजार के लोगों ने मकसूद का स्वागत किया। साथ ही इस रिहाई में मददगार अमर उजाला को धन्यवाद दिया।
आजमगढ़ के अहरौला थाना क्षेत्र के शाहपुर बाजार निवासी दुकानदार मो. मकसूद को 11 नवंबर की सुबह अहरौला थाने की पुलिस ने पशु तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर चालान कर दिया। तभी से वह सलाखों के पीछे रहा। अमर उजाला ने मो. मकसूद के गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए खबर छापी। जिसको संज्ञान में लेते हुए एसपी रविशंकर छवि ने पूरे मामले की जांच एसपी ग्रामीण को सौंपी।
जांच रिपोर्ट आने पर एसपी ने मो. मकसूद के रिहा कराने का निर्देश दिया। मंगलवार को अदालत ने उसे जमानत दे दी, लेकिन तकनीकी खामियों के चलते वह जेल से बाहर नहीं निकल सका। बुधवार की सुबह जेल के अधिकारियों ने मकसूद को रिहा कर दिया।
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अपने संबंधियों के साथ मकसूद करीब एक घंटे बाद सुबह नौ बजे घर पहुंचा तो पत्नी फूलजहां और बच्चे उससे लिपटकर रोने लगे। उसके दरवाजे पर शाहपुर बाजार सहित आसपास गांव के लोगों की भीड़ जुटी थी। लोगों ने उसका स्वागत किया। मकसूद ने बताया कि मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि अब बाहर निकल पाऊंगा। लेकिन अमर उजाला की वजह से यह दिन देखना नसीब हुआ।
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आजमगढ़ के अहरौला थाना क्षेत्र के शाहपुर बाजार निवासी दुकानदार मो. मकसूद को 11 नवंबर की सुबह अहरौला थाने की पुलिस ने पशु तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर चालान कर दिया। तभी से वह सलाखों के पीछे रहा। अमर उजाला ने मो. मकसूद के गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए खबर छापी। जिसको संज्ञान में लेते हुए एसपी रविशंकर छवि ने पूरे मामले की जांच एसपी ग्रामीण को सौंपी।
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जांच रिपोर्ट आने पर एसपी ने मो. मकसूद के रिहा कराने का निर्देश दिया। मंगलवार को अदालत ने उसे जमानत दे दी, लेकिन तकनीकी खामियों के चलते वह जेल से बाहर नहीं निकल सका। बुधवार की सुबह जेल के अधिकारियों ने मकसूद को रिहा कर दिया।
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अपने संबंधियों के साथ मकसूद करीब एक घंटे बाद सुबह नौ बजे घर पहुंचा तो पत्नी फूलजहां और बच्चे उससे लिपटकर रोने लगे। उसके दरवाजे पर शाहपुर बाजार सहित आसपास गांव के लोगों की भीड़ जुटी थी। लोगों ने उसका स्वागत किया। मकसूद ने बताया कि मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि अब बाहर निकल पाऊंगा। लेकिन अमर उजाला की वजह से यह दिन देखना नसीब हुआ।