Varanasi News: केयर हॉस्पिटल में दो साल की बच्ची की मौत, एक घंटे जाम; डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप
Varanasi News: वाराणसी में नवजात की मौत से नाराज परिजनों ने बीएचयू मार्ग जाम कर दिया। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस टीम परिजनों को समझाने में जुटी है।
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वाराणसी जिले में सुंदरपुर स्थित केयर हॉस्पिटल में दो साल की बच्ची की मौत के बाद सोमवार को परिजनों ने हंगामा कर दिया। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए भिखारीपुर-बीएचयू मार्ग जाम कर दिया। एक घंटे तक जाम लगने की वजह से सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। परिजन डॉक्टर की तुरंत गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। करीब एक घंटे बाद एसीपी गौरव कुमार के आश्वासन पर परिजनों ने जाम खत्म किया।
मिर्जापुर के अदलहाट के मझवा गांव निवासी विजय यादव ने अपनी दो साल की बेटी को 10 अगस्त को केयर अस्पताल में भर्ती करवाया। उसके फेफड़े में इंफेक्शन की समस्या थी। परिजनों के अनुसार बेटी को सांस लेने में दिक्कत होने पर डॉक्टरों ने बच्ची के पेट में ट्यूब डाला था।
परिजनों का आरोप है ट्यूब डालने के बाद तीन दिन तक कोई डॉक्टर उसे देखने नहीं आया। जांच और इलाज के नाम पर अस्पताल ने जितने रुपये कहे, हमने जमा किए। रविवार को 20 हजार रुपया बकाया होने पर अस्पताल के कर्मचारियों ने बच्ची का इलाज बंद कर दिया। सोमवार की सुबह जब डॉक्टर आए तो उन्होंने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि हमने जब विरोध किया तो अस्पताल की महिला कर्मचारी ने हमसे मारपीट की। इस पर परिजन आक्रोशित हो गए और भिखारीपुर-बीएचयू मार्ग जाम कर दिया। उनके साथ करीब 100 लोग जुट गए थे। जाम लगने की वजह से कई एंबुलेंस भी फंसी रहीं।
बीएचयू में नहीं मिला बेड
अस्पताल के बाहर बच्ची को गोद में लेकर मां राखी यादव बैठी रहीं। मां ने बताया कि बच्ची को पहले निमोनिया हुआ। सुंदरपुर अस्पताल में उसे दिखाया तो उन्होंने उसे बीएचयू रेफर कर दिया। बीएचयू में बेड न होने का हवाला देकर मंडलीय अस्पताल जाने को कहा गया। हम बेटी को लेकर नी अगस्त को केयर अस्पताल लेकर आ गए। मां राखी का आरोप है कि जब से बच्ची को यहां भर्ती किया गया, तब से डॉक्टर भी बस एक-दो बार ही आए। पूरी व्यवस्था पैरा मेडिकल स्टाफ के भरोसे चल रही थी। बताया कि बच्ची का ऑपरेशन किया तो अस्पताल प्रबंधन ने आधे घंटे के अंदर पूरी फीस जमा करने को कहा।
क्या बोले हॉस्पिटल संचालक
परिजनों का इलाज में लापरवाही का आरोप निराधार है। बच्ची को स्क्रब टायफस हुआ था। इस कारण लीवर में सूजन और सांस लेने में की समस्या थी। केयर हॉस्पिटल में भर्ती से पहले परिजन उसको एक दूसरे निजी अस्पताल और फिर बीएचयू अस्पताल ले गए थे। उस दौरान भी वह सीरियस थी। परिजनों को जानकारी दी गई थी कि बच्ची हालत सीरियस है। उसका हर संभव उपचार किया गया। वेंटिलेटर पर भी रखा गया। कुछ लोग जानबूझकर मामले को हवा दे रहे हैं। -डॉ. मृगेंद्र कुमार, संचालक, केयर हॉस्पिटल
अधिकारी बोले
परिजनों से बात कर घटना की पूरी जानकारी की ली गई है। तहरीर के आधार पर नियमानुसार मामले की जांच करवाकर कार्रवाई की जाएगी।
-गौरव कुमार, एसीपी भेलूपुर