NNV: काशी के आवासीय क्षेत्रों में एक बार, आम रास्तों में तीन बार करनी होगी सफाई; इंदौर नगर निगम ने दिए सुझाव
Varanasi News: वाराणसी की सफाई व्यवस्था को नया आयाम देने के लिए इंदौर नगर निगम ने वाराणसी नगर निगम को टिप्स दिए हैं। मंदिरों के लिए दिए सुझाव में कहा कि उच्च स्तर की सफाई कम से कम तीन समय हो तो काफी प्रभाव पड़ेगा।
विस्तार
Nagar Nigam Varanasi: शहर को स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम इंदौर ने वाराणसी नगर निगम के लिए रिपोर्ट बनाई है। इसमें शहर के रास्ते, घाट और मंदिरों के अलावा छावनी बोर्ड के लिए रणनीति तैयार की है। सड़कों से डस्टबिन की संख्या घटानी होगी। रास्तों पर टीम बनाकर सुबह, दोपहर और शाम तीन शिफ्ट में सफाई करानी होगी। यह भी सुझाव दिया है कि निगरानी बढ़ानी होगी। मंदिरों के लिए दिए सुझाव में कहा कि उच्च स्तर की सफाई तीन समय होगी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रसाद के लिए अलग तरह के डिब्बे हों, मंदिर से निकलने वाले फल, प्रसाद, फूल पत्ती समेत अन्य को अलग-अलग किया जाए। मंदिर क्षेत्र को प्लास्टिक मुक्त घोषित किया जाए और भक्तों को शामिल कर विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। सूचनाओं के बोर्ड लगाए जाएं और मंदिर कर्मचारियों को भी उसी तरह से प्रशिक्षित किया जाएगा।
घाट पर सफाई करने वाले कर्मचारियों को अलग तरह से प्रशिक्षित करने की जरूरत है। यहां दो शिफ्ट में दिन और रात में सफाई कराई जाएगी। यहां नदी में जा रहे अपशिष्ट हो रोकना होगा। बॉयो टायलेट बनवाने होंगे और एनजीओ और दुकानदारों को घाट पर स्वच्छता अभियान में शामिल करना होगा।
घाटों का सुंदरीकरण कराना होगा। बाजार में दुकानदारों का सहयोग लेना होगा। प्लास्टिक मुक्त के साथ ही डस्टबिन अनिवार्य करना होगा और नगर निगम की टीम दुकानदारों से कूड़ा उठाएगी। इंदौर टीम ने छावनी बोर्ड के लिए भी सुझाव दिए हैं, कहा कि यहां रोजाना सफाई के साथ फॉगिंग करानी हाेगी, कूड़ा अलग-अलग किया जाए, इसे सुनिश्चित करना होगा। साफ किए स्थान पर स्वच्छता पार्क की स्थापना करनी चाहिए।
कैसा होगा सफाई, बीट प्रबंधन
- 800 से 1000 मीटर क्षेत्र की बीट का निर्धारण किया जाएगा।
- आवासीय क्षेत्रों में रोजाना एक बार सफाई होगी।
- औद्योगिक क्षेत्र में दिन में दो से तीन बार सफाई करानी होगी।
- कर्मचारी की तैनाती के साथ निगरानी बढ़ानी होगी।
- दोनों निगम के बीच समझौते के मुख्य बिंदु
- काशी में जमीनी परिस्थितियों को समझते हुए उनका संयुक्त अध्यन।
- दोनों बोर्ड आपस में काम करते हुए सहयोग के लिए प्रतिबद्व।
- स्थानीय मुद्दे और योजनाओं पर इंदौर में मिली सीख के आधार पर रणनीति बनाना।
- महत्वपूर्ण सुधारों के लिए रोडमैप।
- संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम, दौरे और स्टॉफ का मार्गदर्शन।
- चुनौतियां का समाधान करने के लिए हर तीन महीने में बैठकें।
- सर्वोच्च प्रदर्शन करते हुए साझा प्रयासों से स्वच्छ शहर में बदलना।