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अध्यात्म जीवन की अपरिहार्य आवश्यकता
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 05 Dec 2016 01:46 AM IST
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उमरहां में स्वर्वेद के विहंगम योग में उमड़ा श्रद्धालुओं का रेला। तीन दिवसीय महोत्सव के पहले दिन विज्ञानदेव महाराज ने किया प्रवचन।
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उमरहां में विहंगम योग में श्रद्धालुओं का रेला उमड़ने से रविवार को मेले जैसा माहौल बन गया। इस मौके पर विज्ञानदेव महाराज ने कहा कि अध्यात्म हमारे जीवन की अपरिहार्य आवश्यकता है। इसके द्वारा हमारे जीवन का संपूर्ण विकास होता है। हम इस शरीर में हैं, हम इस संसार में है, जिंदगी इसी तरह बीत रही है हमारी। जिंदगी है क्या? जीवन क्यों मिला है? इसका कितना, कहां, किस हद तक हमें बोध हो पाता है। इस पर मंथन करना चाहिए।
इसी के साथ त्रिदिवसीय विहंगम योग संत समाज के 93 वें वार्षिकोत्सव एवं 5101 कुंडीय विश्व शांति वैदिक महायज्ञ का शुभारंभ हो गया। इससे पूर्व प्रात: आठ बजे भव्य विहंगम योग समारोह का विधिवत उद्घाटन सद्गुरु स्वतंत्र देव महाराज ने श्वेत ध्वजारोहण से किया। इसके बाद इंडोनेशिया से आए संगीतज्ञों संगीतम स्वागत गान, मंगल गान पेश किया।
शारीरिक आरोग्यता के निमित्त उपस्थित योग साधकों को नि:शुल्क आसन प्राणायाम का प्रशिक्षण आश्रम के योग प्रशिक्षकों द्वारा दिया गया। इस दौरान मानव मन की शांति और आध्यात्मिक उत्थान के निमित्त ब्रह्मविद्या विहंगम योग के क्रियात्मक ज्ञान की दीक्षा सुबह 10 बजे से शाम छह बजे तक की गई। इस आयोजन में प्रतिदिन नि:शुल्क योग, आयुर्वेद, पंचगव्य, होम्योपैथ चिकित्सा पद्धतियों द्वारा कुशल चिकित्सकों के निर्देशन में रोगियों को चिकित्सा परामर्श भी दिया जा रहा है।
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सोमवार को दिन में 11 बजे से 5101 कुण्डीय विश्व शांति वैदिक महायज्ञ का शुभारंभ सद्गुरु आचार्य स्वतंत्र देव महाराज एवं संत प्रवर विज्ञान देव जी महाराज के सानिध्य ने होगा। इसमें हजारों दंपती अपने और समाज के उत्थान के लिए यज्ञ वेदी में आहुति को प्रदान करेंगे।इसमें हिस्सा लेने के लिए यूपी के अलावा बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र झारखंड, मप्र, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, सिक्किम, दिल्ली समेत अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, जापान, कोरिया के अनुयायी वैदिक महायज्ञ में आहूति देने पहुंच गए हैं।
इसी के साथ त्रिदिवसीय विहंगम योग संत समाज के 93 वें वार्षिकोत्सव एवं 5101 कुंडीय विश्व शांति वैदिक महायज्ञ का शुभारंभ हो गया। इससे पूर्व प्रात: आठ बजे भव्य विहंगम योग समारोह का विधिवत उद्घाटन सद्गुरु स्वतंत्र देव महाराज ने श्वेत ध्वजारोहण से किया। इसके बाद इंडोनेशिया से आए संगीतज्ञों संगीतम स्वागत गान, मंगल गान पेश किया।
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शारीरिक आरोग्यता के निमित्त उपस्थित योग साधकों को नि:शुल्क आसन प्राणायाम का प्रशिक्षण आश्रम के योग प्रशिक्षकों द्वारा दिया गया। इस दौरान मानव मन की शांति और आध्यात्मिक उत्थान के निमित्त ब्रह्मविद्या विहंगम योग के क्रियात्मक ज्ञान की दीक्षा सुबह 10 बजे से शाम छह बजे तक की गई। इस आयोजन में प्रतिदिन नि:शुल्क योग, आयुर्वेद, पंचगव्य, होम्योपैथ चिकित्सा पद्धतियों द्वारा कुशल चिकित्सकों के निर्देशन में रोगियों को चिकित्सा परामर्श भी दिया जा रहा है।
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सोमवार को दिन में 11 बजे से 5101 कुण्डीय विश्व शांति वैदिक महायज्ञ का शुभारंभ सद्गुरु आचार्य स्वतंत्र देव महाराज एवं संत प्रवर विज्ञान देव जी महाराज के सानिध्य ने होगा। इसमें हजारों दंपती अपने और समाज के उत्थान के लिए यज्ञ वेदी में आहुति को प्रदान करेंगे।इसमें हिस्सा लेने के लिए यूपी के अलावा बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र झारखंड, मप्र, आंध्र प्रदेश, राजस्थान, सिक्किम, दिल्ली समेत अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, जापान, कोरिया के अनुयायी वैदिक महायज्ञ में आहूति देने पहुंच गए हैं।