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काशी में घटाओं ने बरसाई राहत
वाराण्ासी, ब्यूरो
Updated Mon, 29 Jun 2015 01:59 AM IST
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वाराणसी। बंगाल की खाड़ी से चलकर सक्रिय हुईं मानसूनी घटाएं रविवार को पूर्वांचल में झूम-झूम कर बरसीं। झमाझम बारिश से वाराणसी समेत आसपास के इलाके सराबोर हो गए। देर शाम तक 67.4 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई।
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दिन भर हुई बारिश खरीफ की फसलों की बुवाई और धान की नर्सरी डालने के लिए बेचैन किसानों के लिए वरदान कही जा रही है। आसमान में छाए बादल सोमवार को भी जहां-तहां बरसेंगे।
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बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुई मानसून की उत्तर-पूर्वी ब्रांच शनिवार की आधी रात को ही पूर्वांचल में प्रवेश कर गईं। इसके बाद से काली घटाओं ने जब बरसना शुरू किया तो शाम पांच बजे तक लय टूटी नहीं।
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ठंडी हवा के झोंके बहने से मौसम बदल गया। फिलहाल पूर्वांचल के आसमान में छाए बादल अगले 24 घंटे के दौरान कहीं मध्यम तो कहीं तेज गति से बरस सकते हैं। बीएचयू के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा इकाई के कोआर्डिनेटर प्रो. रविशंकर सिंह ने बताया कि लो प्रेशर एरिया सतह से आसमान में तीन किमी ऊंचाई तक बन गई है और गहरे बादल छा गए हैं। पूर्वी यूपी के आसमान से मानसून द्रोणिका गुजर रही है।
इस द्रोणिका का पश्चिमी छोर हिमालय में और पूर्वी छोर बिहार में है। मानसूनी घटाओं की यह बारिश पूर्वांचल में धान की नर्सरी डालने और खरीफ फसलों की बुवाई करने वाले किसानों के लिए वरदान के रूप में देखी जा रही है।
मौसम बदलते ही तमाम युवा घरों से भीगने के लिए निकल पड़े। घाटों के किनारे भी मानसूनी घटाओं का लुत्फ उठाने के लिए युवा जोड़ों की भीड़ नजर आई। बाबतपुर मौसम केंद्र ने शाम को वाराणसी में 67.4 डिग्री वर्षा रिकार्ड की।