सोनभद्र: 13 दिव्यांग सहित 21 फर्जी शिक्षक चिह्नित, दिव्यांगता प्रमाणपत्र में फर्जीवाड़े की शिकायत पर हो रही है जांच
वर्ष 2010 के बाद हुई सहायक अध्यापक पद की भर्ती प्रक्रिया में तमाम खामियों का आरोप लगाते हुए शिकायत की गई थी। उसमें फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र का भी मामला सामने आया। आठ शिक्षकों पर बर्खास्तगी की कार्रवाई के लिए लगी है फाइल।
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सोनभद्र में दिव्यांग न होने या कम दिव्यांग होने के बावजूद ज्यादा दिव्यांग होने का फर्जी प्रमाणपत्र बनवाने और उसी आधार पर शिक्षक की नौकरी हासिल करने वालों पर शीघ्र कार्रवाई होने वाली है। शिक्षा विभाग ने ऐसे 21 लोगों को चिह्नित किया है। इनमें से शिक्षकों का दिव्यांगता प्रमाणपत्र निरस्त होने के बाद जल्द ही बर्खास्तगी होने वाली है। 13 ऐसे हैं जिन्हें अंतिम नोटिस जारी कर दी गई है। ऐसे में अब वे मेडिकल बोर्ड के समक्ष नहीं पहुंचते हैं तो इनके खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विभाग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, सोनभद्र जिले में वर्ष 2010 के बाद हुई सहायक अध्यापक पद की भर्ती प्रक्रिया में तमाम खामियों का आरोप लगाते हुए शिकायत की गई थी। उसमें फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र का भी मामला सामने आया। पहले हुई जांच में आठ शिक्षक ऐसे मिले जिन्होंने फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र पर नौकरी हासिल की थी। ऐसे में मेडिकल बोर्ड ने उनका प्रमाणपत्र निरस्त कर दिया। अब शिक्षा विभाग इन सभी आठ शिक्षकों को बर्खास्त करने की कार्रवाई करने वाला है। विभाग की ओर से फाइल आगे बढ़ा दी गई है।
मेडिकल बोर्ड के समक्ष नहीं जा रहे
जिले के 13 ऐसे शिक्षक बाद में चिह्नित किए गए जिनके दिव्यांगता प्रमाण पत्र में खामियां थीं। इन सभी को नोटिस जारी किया गया है। कहा गया कि वह अपना पक्ष मेडिकल बोर्ड के समक्ष रख सकते हैं। अन्यथा कार्रवाई तय है। पहले तीन नोटिस जारी किए जा चुके हैं। तीन दिन पहले पुन: नोटिस भेजकर मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित होने के लिए कहा गया है। यदि ये शिक्षक नहीं पहुंचे तो मेडिकल बोर्ड जो निर्णय लेगा उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
फर्जी तरीके से दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाकर नौकरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पहले आठ और बाद में 13 ऐसे शिक्षक चिह्नित किए गए हैं। 13 शिक्षकों को नोटिस भेजकर मेडिकल बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत होने के लिए कहा गया है। - डॉ. गोरखनाथ पटेल, बीएसए।