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बिना विज्ञान के आत्मनिर्भर भारत की कल्पना असंभव
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आईआईटी बीएचयू में आयोजित विज्ञान सप्ताह में विज्ञान, तकनीक के माध्यम से युवाओं को इससे जुड़े नए आयामों के बारे में बताया जाएगा। मुख्य अतिथि उत्तराखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति प्रो. दुर्ग सिंह चौहान ने कहा कि बिना विज्ञान के आत्मनिर्भर भारत की कल्पना संभव नहीं है। जिस तरह से हर दिन विज्ञान का दायरा बढ़ता जा रहा है, इसके बारे में युवाओं को जानकारी बहुत जरूरी है।
आजादी के अमृत महोत्सव के तहत आयोजित विज्ञान सर्वत्र पूज्यते कार्यक्रम में प्रो. चौहान ने भारत के पुरातन वैज्ञानिक दृष्टिकोण जिसमें बौद्ध और जैन सभ्यता के समय के दार्शनिकों के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रस्तुत किया। पूर्व कुलपति ने इस दौरान आईआईटी बीएचयू के एबीएलटी परिसर में लगी पोस्टर प्रदर्शनी, पुस्तक मेला का उद्घाटन कर यहां लगे पोस्टर और रोबोटिक्स आधारित उपकरण, नक्षत्र विज्ञान आधारित प्रदर्शनी के बारे में जानकारी हासिल की। अन्य विज्ञान से जुड़े उपकरणों का अवलोकन किया। आईआईटी बीएचयू के छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो.लाल प्रताप सिंह ने बताया कि आईआईटी समेत देशभर में 75 जगहों पर ‘विज्ञान सप्ताह का आयोजन हो रहा है इसमें ज्ञान, विज्ञान पर अलग-अलग चर्चा के साथ ही स्कूल से लेकर विश्वविद्यालय, महाविद्यालय तक के छात्रों को भी इससे जोड़ा जाएगा। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सतीश कनौजिया ने विज्ञान सप्ताह के कार्यक्रम की रूप रेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम में डॉ. सुनील कुमार, प्रो. राजेश कुमार, भरत राम विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।
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आजादी के अमृत महोत्सव के तहत आयोजित विज्ञान सर्वत्र पूज्यते कार्यक्रम में प्रो. चौहान ने भारत के पुरातन वैज्ञानिक दृष्टिकोण जिसमें बौद्ध और जैन सभ्यता के समय के दार्शनिकों के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रस्तुत किया। पूर्व कुलपति ने इस दौरान आईआईटी बीएचयू के एबीएलटी परिसर में लगी पोस्टर प्रदर्शनी, पुस्तक मेला का उद्घाटन कर यहां लगे पोस्टर और रोबोटिक्स आधारित उपकरण, नक्षत्र विज्ञान आधारित प्रदर्शनी के बारे में जानकारी हासिल की। अन्य विज्ञान से जुड़े उपकरणों का अवलोकन किया। आईआईटी बीएचयू के छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो.लाल प्रताप सिंह ने बताया कि आईआईटी समेत देशभर में 75 जगहों पर ‘विज्ञान सप्ताह का आयोजन हो रहा है इसमें ज्ञान, विज्ञान पर अलग-अलग चर्चा के साथ ही स्कूल से लेकर विश्वविद्यालय, महाविद्यालय तक के छात्रों को भी इससे जोड़ा जाएगा। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सतीश कनौजिया ने विज्ञान सप्ताह के कार्यक्रम की रूप रेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम में डॉ. सुनील कुमार, प्रो. राजेश कुमार, भरत राम विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।
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