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आईआईटी के शोध छात्र सड़क पर उतरे
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 27 Jul 2016 02:01 AM IST
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हास्टल व मेस की समस्या को लेकर विरोध प्रदर्शन करते छात्र।
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आईआईटी बीएचयू के शोध छात्रों ने मंगलवार को सिंगल रूम की मांग और मेस की दुर्व्यवस्था के खिलाफ धरना दिया। संस्थान के निदेशक कार्यालय के बाहर जुटे 50 से अधिक छात्रों ने अपनी मांगों के लिए आवाज उठाई। देर शाम निदेशक से वार्ता के दौरान सिंगल रूम की सहमति बनीं और मेस के लिए 28 जुलाई को वार्ता के लिए छात्रों को बुलाया गया। इसके बाद छात्रों ने धरना समाप्त कर दिया। इस बीच छात्रों ने एक प्रोफेसर पर धक्का देने का आरोप भी लगाया।
धरने पर बैठक शोध छात्रों का कहना था कि हम पिछले चार साल से हॉस्टल और मेस की समस्या से जूझ रहे हैं। काफी कोशिशों के बाद अलग हॉस्टल तो मिला लेकिन दो छात्रों के बीच एक कमरे का आवंटन किया गया। कमरे इतने छोटे हैं कि दो लोग बड़ी मुश्किल से रह पाते हैं। वहीं, 12000 रुपये मेस शुल्क एडवांस में लिया जाता है लेकिन भोजन की गुणवत्ता सही नहीं है। इन मुद्दों को लेकर धरने पर बैठे शोध छात्रों के साथ शाम को निदेशक प्रो. राजीव संगल, प्रो. जीसीएस शास्त्री, प्रो. एके मुखर्जी, प्रो. प्रभाकर सिंह और राजेश कुमार की वार्ता हुई, जिसमें सिंगल रूम की मांग को पूरा करने का आश्वासन दिया गया। मेस के संदर्भ में 28 जुलाई को वार्ता करने के लिए बुलाया गया। वहीं, प्रोफेसर द्वारा छात्र को धक्का देने के मामले में कार्रवाई का भी आश्वासन दिया गया।
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धरने पर बैठक शोध छात्रों का कहना था कि हम पिछले चार साल से हॉस्टल और मेस की समस्या से जूझ रहे हैं। काफी कोशिशों के बाद अलग हॉस्टल तो मिला लेकिन दो छात्रों के बीच एक कमरे का आवंटन किया गया। कमरे इतने छोटे हैं कि दो लोग बड़ी मुश्किल से रह पाते हैं। वहीं, 12000 रुपये मेस शुल्क एडवांस में लिया जाता है लेकिन भोजन की गुणवत्ता सही नहीं है। इन मुद्दों को लेकर धरने पर बैठे शोध छात्रों के साथ शाम को निदेशक प्रो. राजीव संगल, प्रो. जीसीएस शास्त्री, प्रो. एके मुखर्जी, प्रो. प्रभाकर सिंह और राजेश कुमार की वार्ता हुई, जिसमें सिंगल रूम की मांग को पूरा करने का आश्वासन दिया गया। मेस के संदर्भ में 28 जुलाई को वार्ता करने के लिए बुलाया गया। वहीं, प्रोफेसर द्वारा छात्र को धक्का देने के मामले में कार्रवाई का भी आश्वासन दिया गया।
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