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आईआईटी बीएचयू के ‘यंग स्किल इंडिया’ को मिली नई पहचान
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Mon, 20 Feb 2017 09:13 PM IST
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आईआईटी बीएचयू
- फोटो : फाइल फोटो
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नए विचार और कोशिश मिले तो मंजिल मिल ही जाती है। इसी सोच के साथ करीब डेढ़ साल पहले आईआईटी बीएचयू के छात्रों ने ‘यंग स्किल्ड इंडिया’ स्टार्ट अप की शुरुआत की थी। मकसद था कि युवाओं वो मंच मिले, जहां से उन्हें रोजगार हासिल हो सके।
मुहिम बढ़ी, कोशिश रंग लाई। उनकी काबिलियत को सरकार ने पहचान दे दी है। उन पर ‘स्टार्ट अप’ की मुहर लग गई है जो कि उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि है। ऐसे ही एक दूसरे स्टार्ट अप ‘शुरूआर्ट’ की यूएस एंबेसी कद्रदान बनी। युवा कलाकारों की पेंटिंग्स की ऑनलाइन मार्केटिंग और ब्रांडिंग कर रहे इस स्टार्ट अप के लिए बड़ी कामयाबी है।
युवाओं को रोजगार से जोड़कर देश को सशक्त बनाने की ओर आईआईटी बीएचयू का स्टार्ट अप ‘यंग स्किल्ड इंडिया’ लगा हुआ है। डेढ़ साल में अब तक तीन हजार युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा चुका है।
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उनकी इन कोशिशों और काबिलियत पर भारत सरकार की ओर से उन्हें स्टार्ट अप इंडिया का सर्टिफिकेट मिला है। आईआईटी बीएचयू के अभिषेक गजराज, संपत राज और आईएमएम कोलकाता के नीरज श्रीवास्तव ने इसे शुरू किया।
आईआईटी बीएचयू के मालवीय नवप्रवर्तन संवर्धन केंद्र में उनकी ये कंपनी पंजीकृत है।
अभिषेक गजराज ने बताया कि अब हम अपने इस ऑनलाइन जॉब फेयर को पूर्वांचल की ओर बढ़ा रहे हैं। जौनपुर, चंदौली, भदोही, गाजीपुर, मिर्जापुर में इसे शुरू किया जाएगा। 25 मार्च से 10 अप्रैल के बीच हम वृहद स्तर पर आनलाइन जॉब फेयर करने जा रहे हैं।
बताया कि यंग स्किल्ड इंडिया एक प्लेटफार्म है, जहां युवा और जॉब प्रोवाइडर को हम एक मंच पर लाते हैं। कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा सके।
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मुहिम बढ़ी, कोशिश रंग लाई। उनकी काबिलियत को सरकार ने पहचान दे दी है। उन पर ‘स्टार्ट अप’ की मुहर लग गई है जो कि उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि है। ऐसे ही एक दूसरे स्टार्ट अप ‘शुरूआर्ट’ की यूएस एंबेसी कद्रदान बनी। युवा कलाकारों की पेंटिंग्स की ऑनलाइन मार्केटिंग और ब्रांडिंग कर रहे इस स्टार्ट अप के लिए बड़ी कामयाबी है।
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युवाओं को रोजगार से जोड़कर देश को सशक्त बनाने की ओर आईआईटी बीएचयू का स्टार्ट अप ‘यंग स्किल्ड इंडिया’ लगा हुआ है। डेढ़ साल में अब तक तीन हजार युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा चुका है।
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उनकी इन कोशिशों और काबिलियत पर भारत सरकार की ओर से उन्हें स्टार्ट अप इंडिया का सर्टिफिकेट मिला है। आईआईटी बीएचयू के अभिषेक गजराज, संपत राज और आईएमएम कोलकाता के नीरज श्रीवास्तव ने इसे शुरू किया।
आईआईटी बीएचयू के मालवीय नवप्रवर्तन संवर्धन केंद्र में उनकी ये कंपनी पंजीकृत है।
अभिषेक गजराज ने बताया कि अब हम अपने इस ऑनलाइन जॉब फेयर को पूर्वांचल की ओर बढ़ा रहे हैं। जौनपुर, चंदौली, भदोही, गाजीपुर, मिर्जापुर में इसे शुरू किया जाएगा। 25 मार्च से 10 अप्रैल के बीच हम वृहद स्तर पर आनलाइन जॉब फेयर करने जा रहे हैं।
बताया कि यंग स्किल्ड इंडिया एक प्लेटफार्म है, जहां युवा और जॉब प्रोवाइडर को हम एक मंच पर लाते हैं। कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा सके।
अमेरिकन सेंटर में बीएचयू के कलाकारों का रंग
ये ‘शुरुआर्ट’ की क्रिएटिविटी ही है कि यूएस एंबेसी ने उनकी कद्र की। आगामी 23 फरवरी से 10 मार्च तक यूएस एंबेसी नई दिल्ली के अमेरिकन सेंटर में बीएचयू के कलाकारों का रंग बिखरेगा।
अमेरिका फरवरी को ब्लैक हिस्ट्री मंथ के तौर पर मनाती है। इसके लिए उन्होंने ‘शुरुआर्ट’ से जुड़े कलाकारों को अपने यहां ‘वल्नरेबल ड्रीम्स’ थीम पर पेंटिंग प्रदर्शनी लगाने का मौका दिया है। इसमें बीएचयू दृश्य कला संकाय के 17 कलाकारों को हुनर दिखाने का अवसर मिल रहा है।
करीब 19 पेंटिंग्स शामिल हैं। हर पेंटिंग्स में कलाकारों की संवेदना बखूबी नजर आने वाली है। फिर चाहे वो उम्मीद, लक्ष्य की अनंत सीमाओं के बीच बेड़ियों से जकड़े नारी के सपने हों, दिव्यांगता की टीस हो या फिर बाल मजदूरी का जख्म।
‘शुरुआर्ट’ की सीईओ सना सबा और गौरव तिवारी का कहना है कि यूएस एंबेसी के सहयोग से मिलकर ये प्रदर्शनी लगाई जा रही है। इससे भविष्य में स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम में काफी मदद मिलेगी। ये हमारे लिए एक उपलब्धि है।
अमेरिका फरवरी को ब्लैक हिस्ट्री मंथ के तौर पर मनाती है। इसके लिए उन्होंने ‘शुरुआर्ट’ से जुड़े कलाकारों को अपने यहां ‘वल्नरेबल ड्रीम्स’ थीम पर पेंटिंग प्रदर्शनी लगाने का मौका दिया है। इसमें बीएचयू दृश्य कला संकाय के 17 कलाकारों को हुनर दिखाने का अवसर मिल रहा है।
करीब 19 पेंटिंग्स शामिल हैं। हर पेंटिंग्स में कलाकारों की संवेदना बखूबी नजर आने वाली है। फिर चाहे वो उम्मीद, लक्ष्य की अनंत सीमाओं के बीच बेड़ियों से जकड़े नारी के सपने हों, दिव्यांगता की टीस हो या फिर बाल मजदूरी का जख्म।
‘शुरुआर्ट’ की सीईओ सना सबा और गौरव तिवारी का कहना है कि यूएस एंबेसी के सहयोग से मिलकर ये प्रदर्शनी लगाई जा रही है। इससे भविष्य में स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम में काफी मदद मिलेगी। ये हमारे लिए एक उपलब्धि है।