Education: इस साल 200 पेटेंट फाइल करेगा IIT BHU, 2024 में 87 किए थे; जान लें अपडेट
पिछले साल दिसंबर में 7 फाइल हुए और तीन को स्वीकृति मिली। निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि यदि हर साल 200 पेटेंट फाइल करेंगे तो 3-4 साल के बाद 200 पेटेंट को स्वीकृति भी मिलेगी।
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IIT BHU: आईआईटी बीएचयू ने 2025 में 200 से ज्यादा पेटेंट फाइल करने की तैयारी कर ली है। अभी तक संस्थान के इतिहास में पेटेंट फाइल करने का रिकॉर्ड 2024 के नाम 87 पेटेंट का था। इस साल इस आंकड़े से 113 ज्यादा पेटेंट वैज्ञानिकों की ओर से फाइल किए जाएंगे।
फिलहाल इस साल सिर्फ तीन ही महीने में 40 से ज्यादा पेटेंट फाइल किए जा चुके हैं। वहीं, 19 पेटेंट को स्वीकृति भी मिल गई है। इस साल मार्च में 8 से पेटेंट संस्थान की झोली में आए हैं। फरवरी में चार और जनवरी में सात पेटेंट मिले हैं। मार्च में एक ही दिन में एक साथ दो-दो पेटेंट स्वीकृत हुए हैं।
फरवरी में जिन चार पेटेंट को स्वीकृति मिली है, उनमें दो पेटेंट 2019 में, एक 2020 में और 2023 में एक पेटेंट फाइल किया गया था। जनवरी में मिले पेटेंट के लिए 2018 से लेकर 2023 के बीच आवेदन भेजे गए थे। फरवरी में 10 और जनवरी में 16 पेटेंट के लिए आवेदन किए गए थे।
पेटेंट को स्वीकृति मिलने की गति में बढ़ोतरी लाने के लिए इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (आईपीआर) सेल की जिम्मेदारी एसोसिएट डीन को दी गई है। बाकी फैकल्टी भी समय-समय पर मदद करती हैं। वहीं निदेशक के तौर पर टीम को मोटिवेट किया जाता है।
आईआईटी बीएचयू में कल बोर्ड ऑफ गवर्नर की बैठक
आईआईटी बीएचयू में गुरुवार को बोर्ड ऑफ गवर्नर (बीओजी) की बैठक होगी। इस बीओजी में चेयरमैन कोटा हरिनारायण भी मौजूद रहेंगे। इस बैठक में पिछली बैठक के मिनट्स को अप्रूव किया जाएगा।
साथ ही बीओजी के एजेंडा में संस्थान के रिसर्च क्षेत्र का दायरा बढ़ाने से लेकर आंतरिक विकास करने का भी तय किया गया है। इससे पहले मंगलवार को डीन, अधिकारी और डायरेक्टर की बैठक काफी देर तक बैठक चली। इस दौरान बाहर काफी चर्चाओं का दौर चलता रहा।
10 साल में 400 से ज्यादा फाइल, 240 पर स्वीकृति
बीते 10 साल में आईआईटी-बीएचयू के वैज्ञानिकों ने कुल 400 से ज्यादा पेटेंट फाइल किया है। इसमें सबसे ज्यादा 87 पेटेंट पिछले साल ही फाइल किए गए थे। वहीं 92 पेटेंट को स्वीकृति मिली थी। 2023 में 54 पेटेंट फाइल किए गए। 44 पेटेंट को स्वीकृति दी गई।
2022 में 31 फाइल और 40 को स्वीकृति मिली। 2014 से लेकर 2021 तक सिर्फ 5 ही पेटेंट को स्वीकृति मिली थी, जबकि फाइलिंग 201 की हुई थी। यानी कि संस्थान को आठ साल में सिर्फ 5 पेटेंट जबकि बीते 39 महीने में 240 से ज्यादा पेटेंट मिल चुके हैं।