UP: IIT बीएचयू की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के दो आरोपी जेल से रिहा, हाईकोर्ट ने शर्तों के साथ मंजूर की जमानत
आईआईटी बीएचयू में छात्रा के साथ दुष्कर्म के आरोपियों को हाईकोर्ट से राहत मिली है। दो आरोपी जमानत पर छूट गए हैं। जबकि एक अभी भी सलाखों के पीछे है।
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आईआईटी बीएचयू में बीटेक की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के दो आरोपियों की सशर्त जमानत अर्जी इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंजूर की है। लिहाजा, आरोपी कुणाल पांडेय और उसका साथी आनंद चौहान उर्फ अभिषेक चौहान जमानत पर जिला जेल से बाहर आ गए। एक अन्य आरोपी सक्षम पटेल फिलहाल जेल में है। उसकी जमानत अर्जी पर 16 सितंबर को सुनवाई होनी है। तीनों आरोपी भाजपा महानगर की आईटी सेल के पदाधिकारी रहे हैं।
यह है मामला
आईआईटी-बीएचयू के न्यू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली बीटेक की छात्रा 1 नवंबर 2023 की रात 1.30 बजे टहलने निकली थी। छात्रावास से आगे बढ़ने पर गांधी स्मृति हॉस्टल के समीप उसे उसका दोस्त मिला। दोनों टहलते हुए कर्मन वीर बाबा मंदिर की ओर बढ़े तो उन्हें बुलेट मोटरसाइकिल सवार तीनों आरोपी युवक मिले।
तीनों ने उसका और उसके दोस्त का मुंह दबाकर एक-दूसरे से विपरीत दिशा में कर दिया। इसके बाद छात्रा को निर्वस्त्र कर दुष्कर्म करते हुए उसका वीडियो बनाया। आरोपियों ने उसे धमका कर उसका मोबाइल नंबर भी लिया। जिला जेल के अधीक्षक डॉ. उमेश सिंह के अनुसार आरोपी कुणाल पांडेय गत दो अगस्त को जमानत पर रिहा हुआ था। आरोपी आनंद चौहान उर्फ अभिषेक चौहान 29 अगस्त को रिहा हुआ है।
60 दिन बाद हुई थी गिरफ्तारी, गैंगस्टर की कार्रवाई हुई
लंका थाने की पुलिस ने मुकदमा दर्ज होने के 60 दिन बाद 31 दिसंबर 2023 को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोपी कुणाल बृज एंक्लेव कॉलोनी का रहने वाला है। आनंद चौहान उर्फ अभिषेक व सक्षम पटेल का घर जिवधीपुर, बजरडीहा में है। सामूहिक दुष्कर्म के मुकदमे के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत लंका थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में पीड़िता दर्ज करा चुकी है बयान
आईआईटी-बीएचयू की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के मुकदमे का ट्रायल फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम की अदालत में चल रहा है। एडीजीसी मनोज गुप्ता ने बताया कि पीड़िता ने अपने साथ हुई वारदात के बारे में अदालत को पूरी जानकारी दी है। वह अपने बयान पर कायम है। अब आरोपियों के अधिवक्ता पीड़िता से जिरह करेंगे। मुकदमे की सुनवाई सात सितंबर को होनी है।
इन शर्तों के साथ हाईकोर्ट ने मंजूर की है आरोपियों की जमानत अर्जी
- मुकदमे के दौरान सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे।
- अभियोजन पक्ष के गवाह पर दबाव नहीं डालेंगे और धमकी नहीं देंगे।
- तय तिथि पर ट्रायल कोर्ट के समक्ष उपस्थित होंगे, जब तक कि व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट न दी गई हो।
- उस अपराध के समान कोई अपराध नहीं करेंगे, जिसका उन पर आरोप है या जिसके लिए उन पर संदेह किया गया है।
- प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मामले के तथ्यों से परिचित किसी भी व्यक्ति को प्रलोभन नहीं देंगे। साथ ही, न उन्हें धमकी देंगे। न कोई वादा करेंगे।
सोशल मीडिया पर फूल-माला से स्वागत की चर्चा
सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर चर्चा रही कि दोनों आरोपियों का घर आने पर फूल-माला से स्वागत हुआ। हालांकि इस संबंध में कोई भी वीडियो या फोटो सामने नहीं आया। इस मामले में एनएसयूआई ने प्रदर्शन का एलान किया है। पदाधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।