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आईआईटी बीएचयू: डीआरडीओ सेंटर का 20 फीसदी रिसर्च पूरा, दो साल में तकनीक होगी तैयार

Fri, 24 Jan 2025 04:21 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Fri, 24 Jan 2025 04:21 PM IST
सार

आईआईटी बीएचयू के डीआरडीओ सेंटर का 20 फीसदी रिसर्च पूरा हो गया है। दो साल में तकनीक तैयार हो जाएगी। डीआरडीओ के अधिकारियों ने तीन प्रोजेक्ट की समीक्षा की। अगले साल तक 60 फीसदी रिसर्च पूरा होगा। 

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IIT BHU DRDO Center 20% research complete entire technology will be ready in 2 years
बनारस हिंदू विश्वविद्याल (BHU) - फोटो : एएनआई

विस्तार

आईआईटी बीएचयू के डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) ने 15 महीने में अपने टारगेट का 20 फीसदी रिसर्च पूरा कर लिया है। अगले एक साल में 60 फीसदी और दो साल बाद 100 फीसदी रिसर्च पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद रक्षा अनुसंधानों और विकसित तकनीक डीआरडीओ को सौंप दी जाएगी। 
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डीआरडीओ इंडस्ट्री के साथ मिलकर उस तकनीक से देश की रक्षा के काम आने वाले डिफेंस सिस्टम को तैयार कराएगा। हाल ही में डीआरडीओ के अधिकारियों ने सेंटर का दौरा किया था। उन्होंने 15 महीने का कामकाज देखा। मॉनिटरिंग कर पूरी रिपोर्ट तैयार की। आगे के टारगेट को तय समय में पूरा करने का निर्देश भी दिया। पिछले साल बीएचयू के डीआरडीओ सेंटर को मिले कुल तीन प्रोजेक्ट में अब तक कामों को देख संतुष्टि भी जताई।
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न 3 प्रोजेक्ट पर हो रहा रिसर्च आईआईटी बीएचयू के अलग-अलग लैब में पाउडर मैटलर्जी, इलेक्ट्रॉनिक एंड फंग्शनल मटेरियल और हाई पावर माइक्रोवेव सोर्सेज एंड डिवाइस को विकसित किया जा रहा है। सेंटर बनने से पहले डीआरडीओ को कुल 25 प्रपोजल भेजे गए हैं।
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पाउडर मैटलर्जी 

रक्षा क्षेत्र में इनका इस्तेमाल मिसाइल के पार्ट्स, ग्लास सिरेमिक के सामान, बंदूक के बैरेल और एयरक्राफ्ट इंजन में होता है।
इलेक्ट्रॉनिक एंड फंग्शनल मटेरियल की मदद से हाई थर्मल कंडिक्टिविटी मटेरियल, सिलिकॉन कार्बाइड से बनने वाली वस्तुएं, उच्च तापमान झेल पाने वाली सतह बनाई जा सकती है।

हाई पावर माइक्रो वेव सोर्सेज एंड डिवाइस
अमेरिका में विकसित बोइंग चैंप मिसाइल सिस्टम और थॉर टेक्निकल हाई पावर ऑपरेशनल रिसपांडर तकनीक पर आधारित रक्षा उपकरण है। इसकी तरंगें दुश्मन देशों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को तरंगों के जरिये डिसेबल कर सकता है। इसे मिलिट्री वाहन के इंजन या फिर लैब में इंस्टॉल कर सकते हैं।

आईआईटी के लैब में बढ़ाई गई रिसर्च की सुविधाएं

आईआईटी बीएचयू में डीआरडीओ सेंटर का उद्घाटन अक्तूबर 2023 में चेयरमैन प्रो. समीर वी. कामथ ने किया था। सितंबर 2022 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेंटर खोलने की अनुमति दी थी। डीआरडीओ भारत के डिफेंस को मजबूती देने के लिए नई तकनीक का विकास कर रहा है। देश भर में 15 डीआरडीओ इंडस्ट्री एकडेमिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (डीआईए-सीओई) स्थापित किए गए हैं। इन उत्कृष्टता केंद्रों में रिसर्चरों और वैज्ञानिकों को लैब और बाकी साइंटिफिक सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। लैब के बुनियादी ढांचों को भी शामिल किया गया है। देशभर के 50 रिसर्च के लिए 375 करोड़ रुपये का फंड भी आवंटित किया गया है।
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