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स्पर्धा 2018 : अच्छी सेहत, ग्राम्य विकास के लिए दौड़े आईआईटीयंस
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sun, 07 Oct 2018 12:02 AM IST
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स्पर्धा के तहत मैराथन को झंडी देते अमित पंघल
- फोटो : amar ujala
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अच्छी सेहत और ग्राम्य विकास का संकल्प लेकर शनिवार को भावी इंजीनियरों ने लंबी दौड़ लगाई। मौका था आईआईटी बीएचयू के वार्षिक खेल उत्सव स्पर्धा 2018 के तहत मैराथन ‘रन फार कॉज’ का। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने इसमें हिस्सा लिया।
एशियन गेम्स 2018 में स्वर्ण पदक विजेता मुक्केबाज अमित पंघाल ने सभी का हौसला बढ़ाया। उन्होंने जिमखाना मैदान में हरी झंडी दिखाकर धावकों को रवाना किया। आईआईटी परिसर में स्पर्धा के मुख्य आयोजन भले ही 26 से 28 अक्तूबर तक होंगे लेकिन इसके पहले होने वाले प्री इवेंट को लेकर भी छात्र-छात्रा बहुत उत्साहित हैं।
स्पोर्टस विंग के काउंसलर डॉ. आरएस सिंह, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. बीएन राय की मौजूदगी में मैराथन में 400 से अधिक छात्र-छात्रा शामिल हुए। छात्रों की श्रेणी में संतोष और छात्राओं में प्रेमलता ने पहला स्थान हासिल किया। इसके बाद श्रवण और शिवांगी पहले रनर अप और उमेश पाल और दीपांजलि दूसरे रनर अप रहे।
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विजेताओं को मुख्य अतिथि अमित पंघाल ने सम्मानितकिया। यूनाइट फाउंडेशन की ओर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और सदस्यता कार्ड दिया गया। सात अक्तूबर को राजपुताना ग्राउंड पर होने वाले कार्यक्रम में खेल के साथ ही सांस्कृतिक प्रतियोगिता भी होगी।
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एशियन गेम्स 2018 में स्वर्ण पदक विजेता मुक्केबाज अमित पंघाल ने सभी का हौसला बढ़ाया। उन्होंने जिमखाना मैदान में हरी झंडी दिखाकर धावकों को रवाना किया। आईआईटी परिसर में स्पर्धा के मुख्य आयोजन भले ही 26 से 28 अक्तूबर तक होंगे लेकिन इसके पहले होने वाले प्री इवेंट को लेकर भी छात्र-छात्रा बहुत उत्साहित हैं।
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स्पोर्टस विंग के काउंसलर डॉ. आरएस सिंह, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. बीएन राय की मौजूदगी में मैराथन में 400 से अधिक छात्र-छात्रा शामिल हुए। छात्रों की श्रेणी में संतोष और छात्राओं में प्रेमलता ने पहला स्थान हासिल किया। इसके बाद श्रवण और शिवांगी पहले रनर अप और उमेश पाल और दीपांजलि दूसरे रनर अप रहे।
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विजेताओं को मुख्य अतिथि अमित पंघाल ने सम्मानितकिया। यूनाइट फाउंडेशन की ओर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और सदस्यता कार्ड दिया गया। सात अक्तूबर को राजपुताना ग्राउंड पर होने वाले कार्यक्रम में खेल के साथ ही सांस्कृतिक प्रतियोगिता भी होगी।
छह साल पहले बीएचयू में खेल चुके हैं पंघाल
अमित पंघल को किया गया सम्मानित
- फोटो : amar ujala
एशियाड के स्वर्ण पदक विजेता अमित पंघाल बनारस आकर बहुत खुश दिखे। वह छह साल पहले बीएचयू में खेल चुके हैं। वर्ष 2012 में वह इंटर यूनिवर्सिटी कंपटीशन में भाग लेने आए थे। हरियाणा के मुक्केबाज ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में अपनी भविष्य की तैयारियों के बारे में भी बताया।
बीएचयू आईआईटी के वार्षिक खेल उत्सव स्पर्धा 2018 के तहत मैराथन ‘रन फार कॉज’ में शनिवार को छात्र छात्राओं का उत्साह बढ़ाने पहुंचे पंघाल के लिए काशी आने का यह दूसरा मौका था। उन्होंने बताया कि एशियन गेम्स में उन्होंने 49 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। अब वह 52 किलोग्राम भार वर्ग में तैयारी कर रहे हैं।
बॉक्सिंग फेडरेशन के सहयोग से इसके लिए यूएस में ट्रेनिंग के लिए जाएंगे। पंघाल ने बताया कि कबड्डी, हॉकी, कुश्ती हो या मुक्केबाजी हर खेल को इस समय बढ़ावा मिल रहा है। यही वजह है कि हर खेल में पदकों का इजाफा हो रहा है। एशियाड में हॉकी महिला टीम ने भी सिल्वर मेडल अपने नाम किया। कबड्डी सहित अन्य खेलों में भी खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
हर तीसरे नंबर के खिलाड़ी को आज मौका मिल रहा है, यह बहुत जरूरी है। उन्होंने खेल मंत्रालय और विशेषकर खेल राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस उत्थान में राज्यवर्धन का बड़ा योगदान है। वह खुद भी खिलाड़ी रहे हैं।
बीएचयू आईआईटी के वार्षिक खेल उत्सव स्पर्धा 2018 के तहत मैराथन ‘रन फार कॉज’ में शनिवार को छात्र छात्राओं का उत्साह बढ़ाने पहुंचे पंघाल के लिए काशी आने का यह दूसरा मौका था। उन्होंने बताया कि एशियन गेम्स में उन्होंने 49 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। अब वह 52 किलोग्राम भार वर्ग में तैयारी कर रहे हैं।
बॉक्सिंग फेडरेशन के सहयोग से इसके लिए यूएस में ट्रेनिंग के लिए जाएंगे। पंघाल ने बताया कि कबड्डी, हॉकी, कुश्ती हो या मुक्केबाजी हर खेल को इस समय बढ़ावा मिल रहा है। यही वजह है कि हर खेल में पदकों का इजाफा हो रहा है। एशियाड में हॉकी महिला टीम ने भी सिल्वर मेडल अपने नाम किया। कबड्डी सहित अन्य खेलों में भी खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
हर तीसरे नंबर के खिलाड़ी को आज मौका मिल रहा है, यह बहुत जरूरी है। उन्होंने खेल मंत्रालय और विशेषकर खेल राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस उत्थान में राज्यवर्धन का बड़ा योगदान है। वह खुद भी खिलाड़ी रहे हैं।