Varanasi News: असि नदी को बचाने के लिए आईआईटी बीएचयू- वीडीए में करार, किए जाएंगे ये नौ काम
आईआईटी बीएचयू और वीडीए मिलकर असि नदी का अस्तित्व बचाएंगे। इसे लेकर वीडीए और आईआईटी के बीच समझौता पत्र पर हस्ताक्षर हो गया है। आठ महीने में डीपीआर तैयार होगी।
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काशी के लिए पौराणिक महत्व रखने वाली असि नदी को विलुप्त होने से बचाने की मुहिम तेज हो गई है। इसके लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) अब आईआईटी बीएचयू के साथ मिलकर काम करेगा। इसी सिलसिले में बुधवार को वीडीए और आईआईटी के बीच समझौता पत्र पर हस्ताक्षर हुआ है। असि नदी के पुनरुद्धार से संबंधित डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) आठ महीने में बनेगी।
असि नदी के ऐतिहासिक महत्व, पर्यावरण और जल संरक्षण का काम वीडीए को कराना है। नदी का प्रमुख अंश जल पुनर्जीवन, तटों का विकास, पर्यावरण सुधार, हरित क्षेत्र विकास और जल शुद्धीकरण कराया जाना है। यह काम जल्द शुरू होगा। इससे पहले ही आईआईटी के डायरेक्टर प्रो. अमित पात्रा, वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित गर्ग और डीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रो. विकास दूबे की मौजूदगी में नदी के कायाकल्प का खाका तैयार किया गया है। जो समझौता पत्र बना है, उसे पर सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख प्रो. एसएस मंडल और वीडीए के अधिशासी अभियंता आनंद कुमार मिश्रा ने हस्ताक्षर भी किया है।
सिविल इंजीनियरिंग के प्रमुख प्रो एसएस मंडल ने कविता सुरम्य धारा हैं वरुणा असि, नहाए जिनमें कबीर तुलसी...सुना ई। फिर कहा कि असि नदी का सांस्कृतिक, सामाजिक, पर्यावरणीय और आध्यात्मिक महत्व है। यह कबीर और तुलसी जैसे कवियों, संतों के नदी के साथ जुड़ाव का प्रतीक है।
ये काम होंगे
- पुनरुद्धार के लिए कार्ययोजना बनेगी।
- बेसिन का भू-तकनीकी अध्ययन।
- बेसिन का भू-भौतिकीय और भू-आकृति विज्ञान अध्ययन।
- रिवर फ्रंट की योजना और डिजाइन।
1.12 करोड़ बजट, 4 चरणों में तैयार होगी डीपीआर
- प्रारंभिक मूल्यांकन रिपोर्ट और डाटा संग्रह का काम दो महीने में पूरा होगा।
- प्रौद्योगिकी समाधान के साथ व्यवहार्यता रिपोर्ट पांच महीने में बनेगी।
- मसौदा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट सात महीने में तैयार होगी।
- अंतिम विस्तृत परियोजना रिपोर्ट आठ महीने में बन जाएगी।