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IIT BHU: भविष्य की पांच तकनीक के विकास और बीटेक छात्रों की वैश्विक पहुंच बढ़ाने के लिए मिले 2.5 करोड़
Mon, 06 Apr 2026 03:19 PM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Mon, 06 Apr 2026 03:19 PM IST
सार
Varanasi News: आईआईटी बीएचयू में भविष्य की पांच तकनीक के विकास और बीटेक छात्रों की वैश्विक पहुंच बढ़ाने के लिए 2.5 करोड़ रुपये मिले। संस्थान को 28 दिन में सात पेटेंट मिले। नौ वैज्ञानिक खोजों को पेटेंट के लिए आवेदन दिया गया।
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IIT BHU
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भविष्य की पांच तकनीक के विकास और छात्रों की वैश्विक रीच मजबूत करने के लिए आईआईटी बीएचयू को 2.50 करोड़ रुपये मिले हैं। इसमें डेढ़ करोड़ रुपये प्रोफेसरों के पांच रिसर्च प्रोजेक्ट को और करीब एक करोड़ रुपये बीटेक छात्रों को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, हैकथॉन और इंटर्नशिप में हिस्सा लेने में पूर्व छात्र वेंकटरमण मुक्कापति की ओर से दिए गए हैं।
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डेढ़ करोड़ के पांच प्रोजेक्ट सस्टनेबल ब्लड सप्लाई चेन, पर्किंसन रोग के समाधान, वित्तीय मामलों में फ्रॉड चिह्नित करने के टूल और 3डी प्रिंटिंग डिवाइस आदि पर काम किए जाएंगे। सबसे ज्यादा 85 लाख रुपये पर्किंसन रोग का समाधान ढूंढने के लिए दिए गए हैं।
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इस काम को तीन साल में पूरा करके भारत सरकार के संस्थान आईसीएमआर को सौंप दिया जाएगा। वित्तीय धोखाधड़ी का पता लगाने की तकनीक के लिए 35 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। इस तकनीक को पांच साल में पूरा करके भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग को सौंपना है।
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एक करोड़ से स्थापित होगा अबव एंड बियॉन्ड फंड
आईआईटी बीएचयू में 115,000 अमेरिकी डॉलर यानी कि एक करोड़ रुपये की मदद से अबव एंड बियॉन्ड फंड की स्थापना होगी। इसके अंतर्गत बीटेक छात्र व छात्रा इसकी मदद से अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों, हैकथॉन और इंटर्नशिप करने के साथ ही वैश्विक अवसरों पर काम करेंगे। ये धनराशि आईआईटी बीएचयू के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशंस इंजीनियरिंग के 1986 बैच के छात्र रहे वेंकटरमण मुक्कापति की ओर से दी गई है।
28 दिन में सात खोजों को मिले पेटेंट
एक फरवरी से लेकर 28 फरवरी के बीच आईआईटी बीएचयू के वैज्ञानिकों के सात खोजों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। भारत सरकार की ओर से कुल सात पेटेंट दिए गए हैं। वहीं, फरवरी में कुल 9 पेटेंट के लिए संस्थान के वैज्ञानिकों की ओर से आवेदन किए जा चुके हैं। संस्थान को फरवरी में वेस्ट मैटेरियल ट्रीटमेंट के लिए नैनो कंपोसाइट, बायोसेंसर, नैनो हाइड्रोजेल, ड्रग डिलीवरी सिस्टम, एंटी कैंसरस नैनो कंपोजिशन और ब्रॉडबैंड आदि तकनीक को लेकर आईआईटी बीएचयू को पेटेंट दिया गया है।
28 दिन में सात खोजों को मिले पेटेंट
एक फरवरी से लेकर 28 फरवरी के बीच आईआईटी बीएचयू के वैज्ञानिकों के सात खोजों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। भारत सरकार की ओर से कुल सात पेटेंट दिए गए हैं। वहीं, फरवरी में कुल 9 पेटेंट के लिए संस्थान के वैज्ञानिकों की ओर से आवेदन किए जा चुके हैं। संस्थान को फरवरी में वेस्ट मैटेरियल ट्रीटमेंट के लिए नैनो कंपोसाइट, बायोसेंसर, नैनो हाइड्रोजेल, ड्रग डिलीवरी सिस्टम, एंटी कैंसरस नैनो कंपोजिशन और ब्रॉडबैंड आदि तकनीक को लेकर आईआईटी बीएचयू को पेटेंट दिया गया है।