वाराणसी: दहेज के लिए पत्नी को जलाकर मारने के मामले में पति को आजीवन कारावास की सजा
दहेज हत्या के मामले में वाराणसी के विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण) ने आरोपी पति को दोषी करार दिया। उसे आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
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वाराणसी के विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण) अशोक कुमार सिंह यादव की कोर्ट ने दहेज में कार नहीं मिलने पर पत्नी को जलाकर मारने के आरोपी पति सुरेश मौर्या को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी सास सुमित्रा देवी, जेठ राजेश मौर्या व जेठानी रेखा देवी को आरोप सिद्ध न होने पर बरी कर दिया।
एडीजीसी ज्योति शंकर उपाध्याय ने अभियोजन पक्ष से और दोषमुक्त जेठ जेठानी की ओर से अधिवक्ता तनवीर अहमद सिद्दीकी और सास की तरफ से श्रीनाथ त्रिपाठी ने पक्ष रखा। जौनपुर के गौराबादशाहपुर निवासी वादी साहब लाल की पुत्री सुमन मौर्या का शादी फूलपुर थाना क्षेत्र के असिला गांव निवासी सुरेश मौर्या के साथ 20 मई 2013 को हुई थी।
10 नवंबर 2016 को हुई थी मौत
आरोप है कि दहेज में कार व अन्य सामान की मांग पर आए दिन पति समेत ससुराल वाले उसे प्रताड़ित करते रहे। 10 नवंबर 2016 को लगभग आठ बजे वादी को सूचना मिली कि उसकी पुत्री झुलस गई है और उसे उपचार के लिए दीनदयाल राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पहुंचने पर पता चला कि वह कबीरचौरा मंडलीय अस्पताल में भर्ती है। मंडलीय अस्पताल पहुंचा तो उपचार के दौरान पुत्री की मौत हो गई।
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डॉ. सपना हत्याकांड में आरोपी की जमानत खारिज
प्रभारी सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सिगरा थाना क्षेत्र में डॉ सपना दत्ता हत्याकांड में आरोपी कौशल चौधरी उर्फ रौशन की जमानत अर्जी खारिज कर दी। एडीजीसी मुनीब सिंह चौहान व वादी के अधिवक्ता हरिशंकर सिंह व संजीव वर्मा के मुताबिक मृतका सपना दत्ता के पति ने सिगरा थाने में 21 जुलाई 2021 को सिगरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
आरोप था कि पत्नी सपना की हत्या कर दी गई। फुटेज देखने पर उसके भाई अनिल कुमार दत्ता अपने हाथ में हथौड़ा लिए बाहर निकलते दिखाई दिए और उसके साथ एक आदमी और भी था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना की तो अभियुक्त कौशल कुमार चौधरी उर्फ रौशन का नाम प्रकाश में आया तो उसे पुलिस ने उसे आरोपी बना दिया।
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