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Sonbhadra News: पुराने बरगद के पेड़ के नीचे मृत मिले सैकड़ों चमगादड़, गर्मी से मौत की आशंका
Thu, 30 May 2024 02:48 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।
Published by: प्रगति चंद
Updated Thu, 30 May 2024 02:48 PM IST
सार
झारखंड बॉर्डर पर स्थित एक गांव में पुराने बरगद के पेड़ के नीचे सैकड़ों चमगादड़ मृत मिले। गुरुवार की सुबह दुर्गंध आने पर लोगों को इसकी जानकारी हुई। गर्मी के चलते चमगादड़ों की मौत की आशंका जताई जा रही है।
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Sonbhadra News
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
झारखंड बॉर्डर पर स्थित क्षेत्र के मूड़िसेमर ग्राम पंचायत में सैकड़ों चमगादड़ों की मौत हो गई। वन रेंज कार्यालय परिसर में चमगादड़ मृत देख खलबली मच गई। तेज दुर्गंध के कारण वनकर्मी परिसर से चले गए। आशंका जताई जा रही है कि गर्मी के कारण उनकी मौत हुई है।
ग्रामीण विनय कुमार, छोटू कुमार, महेंद्र प्रसाद, रामचंद्र प्रसाद का कहना है कि सततवाहिनी व कुकुरडुबा नदी के तटीय इलाके में रेंज ऑफिस में पुराने बरगद, आम, जामुन के वृक्षों पर सैकड़ों चमगादड़ कई वर्षों से लगातार रहते हैं। गुरुवार की सुबह जब लोग उस ओर टहलने गए तो कुछ चमगादड़ मृत दिखे। जो पेड़ से नीचे गिरे हुए थे। आगे काफी संख्या में चमगादड़ों का शव पड़ा था।
तेज दुर्गंध उठ रही थी। इस बाबत पशु चिकित्सक डॉ. रवि कुमार तरुण ने बताया कि वर्तमान समय में इलाके का तापमान 46-47 डिग्री चल रहा है। पानी भी इलाके में नहीं है। संभावना है कि इसी कारण चमगादड़ों की मौत हुई है। वही रेंजर इमरान खान ने बताया कि अधिक तापमान व पानी की समस्या ही इन चमगादड़ों के मरने का मुख्य कारण है। मृत चमगादड़ों को वन कर्मी एकत्रित कर मिट्टी में दफना रहे हैं।
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ग्रामीण विनय कुमार, छोटू कुमार, महेंद्र प्रसाद, रामचंद्र प्रसाद का कहना है कि सततवाहिनी व कुकुरडुबा नदी के तटीय इलाके में रेंज ऑफिस में पुराने बरगद, आम, जामुन के वृक्षों पर सैकड़ों चमगादड़ कई वर्षों से लगातार रहते हैं। गुरुवार की सुबह जब लोग उस ओर टहलने गए तो कुछ चमगादड़ मृत दिखे। जो पेड़ से नीचे गिरे हुए थे। आगे काफी संख्या में चमगादड़ों का शव पड़ा था।
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तेज दुर्गंध उठ रही थी। इस बाबत पशु चिकित्सक डॉ. रवि कुमार तरुण ने बताया कि वर्तमान समय में इलाके का तापमान 46-47 डिग्री चल रहा है। पानी भी इलाके में नहीं है। संभावना है कि इसी कारण चमगादड़ों की मौत हुई है। वही रेंजर इमरान खान ने बताया कि अधिक तापमान व पानी की समस्या ही इन चमगादड़ों के मरने का मुख्य कारण है। मृत चमगादड़ों को वन कर्मी एकत्रित कर मिट्टी में दफना रहे हैं।
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