महिला की मौत के बाद परिजनों ने स्टाफ नर्स को पीटा, कार्य बहिष्कार कर धरने पर बैठे डॉक्टर
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दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में मंगलवार को महिला की मौत के बाद स्टाफ नर्सों से मारपीट के विरोध में बुधवार को डाक्टरों कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर धरना दिया। इस वजह से सुबह आठ बजे से चलने वाली ओपीडी जहां ठप रही, वहीं अन्य सेवाएं प्रभावित रहीं।
अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती महिला की मौत के विरोध में परिजनों ने जमकर हंगामा मचाया था। आरोप था कि गुस्साए परिजनों ने तोड़फोड़ करने के साथ ही वहां तैनात स्टाफ नर्स और कर्मचारियों के साथ मारपीट की, जिससे दो नर्स घायल हो गईं।
घटना के बाद कर्मचारियों में नाराजगी है, वहीं मौके पर बड़ी संख्या में पहुंचे छात्र कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं। भगतुआ चौबेपुर निवासी बबीता(50) को दो दिन पहले मेडिकल वार्ड में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि मंगलवार सुबह अस्पताल प्रशासन ने इलाज में असमर्थता जाहिर करते हुए महिला को दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
जरूरत पड़ने पर उसे आक्सीजन भी नहीं मिल पाई, जबकि वह अस्पताल कर्मचारियों से आक्सीजन की मांग करते रहे। महिला की मौत की जानकारी भी अस्पताल प्रशासन ने बहुत देर तक छिपाए रखी। महिला का पुत्र अंकित सिंह महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ का छात्रनेता है और चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है। लिहाजा सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में छात्र अस्पताल पहुंचे और हंगामा करने लगे।
पुलिस ने मामले में काशी विद्यापीठ के एक नेता समेत तीन युवक को पुलिस ने हिरासत में लिया और बाद में छोड़ दिया। अस्पताल के सीएमएस डॉ. वी. शुक्ला ने कहा कि मौत का कारण लापरवाही नहीं है। मरीज को रेफर कर दिया गया था, लेकिन परिजन उन्हें ले जाने के लिए तैयार नहीं थे।