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चेतगंज की ऐतिहासिक नक्कटैया: बारिश में भी कायम रही 140 साल पुरानी परंपरा, सूर्पणखा की नाक कटी; राम के जयकारे

Thu, 29 Oct 2026 11:18 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Thu, 29 Oct 2026 11:18 PM IST
सार

वाराणसी में बारिश के बावजूद चेतगंज की नक्कटैया और खेतगढ़ के 140 साल पुराने लखा मेले की परंपरा निभाने की तैयारी पूरी रही। झांकियों और कार्यक्रमों पर मौसम का असर पड़ा। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने मेला मार्ग का निरीक्षण कर सड़क मरम्मत, प्रकाश, सफाई, पेयजल और मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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historic Nakkataiya Chetganj 140 year old tradition continues despite rain Surpanakha nose is severed
नक्कटैया का मंचन करते हुए। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 

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लगातार बारिश और मौसम की चुनौतियों के बीच चेतगंज की ऐतिहासिक नक्कटैया और खेतगढ़ के लखा मेले की परंपरा निभाने की तैयारी पूरी कर ली गई। करीब 140 साल पुरानी इस परंपरा से जुड़ा मेला शहर की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बारिश के कारण झांकियों के संचालन और कार्यक्रम के समय पर असर पड़ने की आशंका रही, लेकिन रामलीला समिति ने बाहर से आए कलाकारों और परंपरा को ध्यान में रखते हुए आयोजन जारी रखने का निर्णय लिया। वहीं, नगर निगम ने श्रद्धालुओं की सुविधा, सफाई और सुरक्षित आवागमन के लिए मेला मार्ग का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

खेतगढ़ रामलीला समिति के अध्यक्ष अजय गुप्ता के अनुसार, मेले की तैयारियां पूरी थीं और इस बार भी सैकड़ों झांकियों व कलाकारों के शामिल होने की तैयारी थी। सामान्य तौर पर लखा मेला शाम सात बजे से अगले दिन सुबह नौ बजे तक चलता है। अध्यक्ष ने बताया कि रात करीब 9:30 से 9:45 बजे के बीच नाक कटने की रस्म पूरी हुई। बारिश के चलते झांकियों को आगे बढ़ाने और निर्धारित समय पर कार्यक्रम पूरा कराने में चुनौतियां सामने आईं।

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मेले की झांकियां मलैया से निकलकर विनिता विश्राम, पिशाचमोचन, लोहटिया क्षेत्र और वंदना नगर सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए बेनियाबाग पहुंचती हैं। इसके बाद यात्रा चेतगंज चौराहे से आगे बढ़ते हुए रथ के पास समाप्त होती है। बड़ी संख्या में झांकियों और कलाकारों की भागीदारी के कारण मार्ग पर भीड़ प्रबंधन और सुचारू आवागमन महत्वपूर्ण रहता है।

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सुरक्षा और सुविधाओं पर नगर निगम का जोर
नक्कटैया मेले को देखते हुए नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बृहस्पतिवार को चेतगंज के पूरे मेला मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान बनाने के लिए सड़कों और गड्ढों को तत्काल ठीक कराया जाए। रात में पर्याप्त रोशनी सुनिश्चित करने के साथ विशेष सफाई के लिए सफाईकर्मियों की ड्यूटी लगाने को भी कहा गया।

श्रद्धालुओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पेयजल के टैंकर और मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। बारिश के कारण सड़कों पर फिसलन और जलभराव जैसी संभावित समस्याओं के बीच रास्तों को सुरक्षित और साफ रखना भी जरूरी है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में किसी विशेष सुरक्षा बल की तैनाती का विवरण नहीं है।

करीब डेढ़ सदी से चली आ रही नक्कटैया की परंपरा में धार्मिक प्रसंगों, झांकियों और लोकभागीदारी की अहम भूमिका है। इस बार भी आयोजन की तैयारियों के साथ प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर जोर है, ताकि मौसम की बाधाओं के बावजूद श्रद्धालु मेले में शामिल हो सकें और शहर की सांस्कृतिक विरासत बनी रहे।

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