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Varanasi News: हिंदीसेवी व साहित्यकार डॉ. केशरी नारायण त्रिपाठी का निधन

Thu, 30 Jul 2026 02:14 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jul 2026 02:14 AM IST
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Hindi proponent and litterateur Dr. Keshari Narayan Tripathi passes away
जाने-माने हिंदीसेवी और साहित्यकार डॉ. केशरी नारायण त्रिपाठी का मंगलवार की रात में निधन हो गया। वे 89 वर्ष के थे। दो दिन पहले उन्हें ब्रेन स्ट्रोक के बाद उन्हें ककरमत्ता स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके निधन से साहित्य जगत में शोक की लहर है।
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डॉ. केशरी नारायण त्रिपाठी ने अपना पूरा जीवन हिंदी साहित्य की सेवा में समर्पित किया। उन्होंने 1964 से 1975 तक नागरी प्रचारिणी सभा में अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद 1975 से वे प्रयाग स्थित हिंदी साहित्य सम्मेलन से जुड़े रहे। 2023 में नागरी प्रचारिणी सभा में हुए महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधारों में उनकी अहम भूमिका रही। नागरी प्रचारिणी सभा ने शोकसभा कर डॉ. केशरी नारायण को श्रद्धांजलि दी। डॉ. केशरी नारायण त्रिपाठी का जन्म एक जून 1937 को चंदौली के रामपुर गांव में हुआ था। उन्होंने सैयदराजा से इंटरमीडिएट और डीएवी डिग्री कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। काशी विद्यापीठ से हिंदी में एमए और बीएचयू से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्हें 2016 में केशरी नाथ त्रिपाठी द्वारा भारती शिखर सम्मान और 2021 में उनकी पुस्तक हिंदी गद्य का इतिहास के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किशोरीदास वाजपेयी पुरस्कार से नवाजा था।
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