हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट: वाराणसी में सात लाख से ज्यादा वाहनों के आवेदन तक नहीं हुए, 30 हजार से ज्यादा को एचएसआरपी का इंतजार
वाराणसी आरटीओ में 10 लाख वाहन रजिस्टर्ड हैं। इसमें करीब ढाई लाख वाहन हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट से लैस हो गए हैं। बाकि करीब सात लाख वाहनों में अभी तक एचएसआरपी (हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट) नहीं लग पायी है।
विस्तार
वाहन चोरी और आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए लागू की गई हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) की तय समयसीमा बीत जाने के बाद भी वाराणसी में सात लाख से ज्यादा वाहन मालिकों ने आवेदन भी नहीं किया है। जबकि 30 हजार से ज्यादा ऐसे भी वाहन हैं, जिनके एचएसआरपी तो जारी हुए, मगर वे वाहनों में अब तक फिट नहीं हो पाए।
एचएसआरपी लगने की समयसीमा 15 नवंबर तक पूरी होने के बाद भी लोग जागरूक नहीं दिख रहे हैं। जिले में 50 से अधिक वाहन डीलर हैं, जहां एचएसआरपी वाहनों में लगती है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। नये वाहनों के लिए डीलर की ओर से अप्लाई किया जाता है। इसके बाद हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट डीलर के पास पहुंचती है।
ऐसे हजारों लोग हैं, जिन्होंने ऑनलाइन बुकिंग के बाद भी डीलर के यहां नंबर प्लेट लगवाने नहीं पहुंचे हैं। यहां बता दें कि ज्यादातर ट्रक और व्यवसायिक वाहनों में गलत नंबर प्लेट लगाकर संचालन की शिकायतें आए दिन सामने आती हैं।
पढ़ेंः नीट फर्जीवाड़ा: सॉल्वर गैंग पार्ट-2 का खुलासा, सरकारी कर्मचारी और साइबर कैफे संचालक गिरफ्तार
वाराणसी में 10 लाख वाहन रजिस्टर्ड
हर दिन डाफी टोल प्लाजा से एक हजार से 15 सौ ओवरलोड वाहनों की सूची परिवहन विभाग को भेजी जाती है। इसमें ज्यादातर वाहनों के नंबर व वाहन मैच नहीं करते। यहां बता दें कि आरटीओ में 10 लाख वाहन रजिस्टर्ड हैं। इसमें करीब ढाई लाख वाहन हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट से लैस हो गए हैं। बाकि करीब सात लाख वाहनों में अभी तक एचएसआरपी (हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट) नहीं लग पायी है। हालांकि इनमें से कुछ वाहन मालिकों ने हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए आवेदन किया है
एआरटीओ सर्वेश कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि हमने शासन से गाइड लाइन मांगी है और डीलर्स के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का अभियान भी शुरू किया है। एचएसआरपी लोगों की सुरक्षा के लिए है, ऐसे में अपने वाहन में इसे अवश्य लगवाएं।
ऐसे करें एचएसआरपी का आवेदन
पढ़ेंः स्वच्छ सर्वेक्षण 2021: स्वच्छता रैंकिंग में तीन पायदान नीचे क्यों फिसला बनारस, जानिए कारण