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काशी की धरोहर: जिलाधिकारी भवन को हुए 200 साल, पहले कभी हुआ करता था राष्ट्रीय महत्व का स्मारक, लेकिन अब है गायब
Wed, 07 Jul 2021 02:10 PM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Wed, 07 Jul 2021 02:10 PM IST
सार
वेबसाइट पर मौजूद है टैबलेट ऑन द ट्रेजरी बिल्डिंग, लेकिन मौके पर कोई निशान नहीं है।
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जिलाधिकारी भवन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बनारस कचहरी तो ऐतिहासिक है ही यहां बने जिलाधिकारी भवन को 200 साल पूरे हो चुके हैं। मगर इस भवन के ठीक पीछे एक राष्ट्रीय महत्व का स्मारक हुआ करता था। पुरातत्व विभाग के साइट नंबर 108 पर टैब्लेट ऑन द ट्रेजरी बिल्डिंग आज भी बहुत शान से दर्शाया गया है। मगर हकीकत इससे कोसों दूर है।
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अगर कोई विदेशी या कोई नागरिक पुरातत्व विभाग की साइट से कचहरी इसको देखने आए तो मौके पर कुछ नहीं मिलेगा। सबसे आश्चर्यजनक पहलू यह है कि जहां बनारस के अधिकारी बैठते हैं, वहां पर स्थित राष्ट्रीय महत्व का यह स्मारक गायब हैं और किसी को जानकारी नहीं है।
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बनारस बार के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय, मिलिंद श्रीवास्तव, अधिवक्ता नागेश पांडेय बताते हैं कि टैबलेट ऑन द ट्रेजरी बिल्डिंग के अवशेष 25 साल पहले दिखाई देते थे, लेकिन अब उसका एक पिलर बस टूटी स्थिति में वहां पड़ा है। जो पटिया निकले उससे अधिवक्ताओं ने अपनी चौकियां सजा ली हैं। पुरातत्व विभाग हर स्मारक के साथ अपना एक नोटिस लगाता है, लेकिन इस जगह उसने वह भी लगाने की जहमत नहीं उठाई। लिहाजा राष्ट्रीय महत्व का यह स्मारक विलुप्त हो गया है।
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