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अधर में लटकी ‘हृदय’ की धड़कन
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 28 Nov 2016 01:28 AM IST
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सिकंदराराऊ के पास जीटी रोड की मरम्मत का काम करती मशीन।
- फोटो : अमर उजाला
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शहर के ऐतिहासिक स्थलों, धरोहरों के संरक्षण एवं उन्हें सुंदर बनाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से हेरिटेज सिटी डेवलपमेंट एंड आग्मेंटेशन (हृदय) योजना के तहत करोड़ों रुपये दिए गए। योजना को जारी हुए करीब साल हो गए मगर अधिकारियों की सुस्त चाल से एक भी काम धरातल पर नहीं आ सका है। सड़कों का काम हो या फिर धरोहरों के संरक्षण का सब अधूरा है। काशी के ऐतहासिक स्थलों और धरोहरों के संरक्षण के लिए केंद्र ने हृदय के तहत 80 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इसमें शहर की सड़कों की भी मरम्मत की जानी है। सड़क के अलावा, नाली, इंटरलाकिंग, बिजली, पानी और टॉयलेट की व्यवस्था की जानी है। इन दो साल में एक काम भी पूरा नहीं हो पाया है।
इस योजना से टाउनहाल को संरक्षित किया जाना है। इसके मरम्मत का काम तो शुरू हुआ मगर धीमी गति से चल रहा है। इसका काम भी अधूरा है। इस पर 2.58 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। शहर के ऐतिहासिक स्थलों, धरोहरों, प्रख्यात कलाकारों के नाम एवं उनके इलाके की गलियों एवं सड़कों को सजाने संवारने का काम काम होना है। इस पर भी अब तक कोई काम नगर निगम प्रारंभ नहीं करा सका है। इस पर 9.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाने है।
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इस योजना से टाउनहाल को संरक्षित किया जाना है। इसके मरम्मत का काम तो शुरू हुआ मगर धीमी गति से चल रहा है। इसका काम भी अधूरा है। इस पर 2.58 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। शहर के ऐतिहासिक स्थलों, धरोहरों, प्रख्यात कलाकारों के नाम एवं उनके इलाके की गलियों एवं सड़कों को सजाने संवारने का काम काम होना है। इस पर भी अब तक कोई काम नगर निगम प्रारंभ नहीं करा सका है। इस पर 9.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाने है।
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