Gyanvapi: ज्ञानवापी मामले की निगरानी अर्जी पर सुनवाई अब 7 जुलाई को,अखिलेश-ओवैसी के विवादित बयान का है मामला
वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर स्थित वजूखाने में गंदगी करने और शिवलिंग जैसी आकृति पर विवादित बयान देने के मामले में दाखिल निगरानी अर्जी पर अब सात जुलाई को सुनवाई होगी।
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ज्ञानवापी परिसर स्थित वजूखाने में गंदगी करने और शिवलिंग जैसी आकृति पर विवादित बयान देने के मामले में दाखिल निगरानी अर्जी पर अब सात जुलाई को सुनवाई होगी। शनिवार को अपर जिला जज नवम विनोद कुमार सिंह की अदालत में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तरफ से अधिवक्ता अनुज यादव और लखनऊ खंडपीठ के अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने वकालतनामा दाखिल किया।
वहीं अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी व अन्य की तरफ से श्रीनाथ त्रिपाठी ने वकालतनामा दाखिल किया। सभी ने आपत्ति के लिए निगरानी याचिका की प्रति की मांग की। अब अदालत इस मामले में सात जुलाई को सुनवाई करेगी। निगरानीकर्ता हरिशंकर पांडेय ने लोअर कोर्ट के आदेश के खिलाफ अर्जी दाखिल की है।
हरिशंकर पांडेय के अनुसार, ज्ञानवापी परिसर अराध्य देव शिव का है। शिवलिंग को लेकर एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कुछ अन्य नेताओं ने गलत बयानबाजी की थी। इससे हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई थीं।
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इसलिए अखिलेश, ओवैसी व अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के पदाधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। सुनवाई के बाद निचली अदालत ने मामले को खारिज कर दिया था। इसलिए जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में निगरानी अर्जी दाखिल की गई। अब अपर जिला जज की अदालत मामले की सुनवाई कर रही है।