ज्ञानवापी परिसर के पुरातात्विक सर्वेक्षण की मांग पर सुनवाई आज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ज्ञानवापी परिसर का पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने संबंधी आवेदन में भगवान विश्वेश्वर के वाद मित्र ने सोमवार को अदालत में अपना पक्ष रखा। अदालत ने सुनवाई के लिए अगली तिथि चार फरवरी नियत की है। ज्ञानवापी स्थित प्राचीन मूर्ति स्वयंभू ज्योर्तिलिंग भगवान विश्वेश्वरनाथ की ओर से दाखिल वाद की सुनवाई सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक की अदालत में चल रही है।
प्रतिवादी अंजुमन इंतजामिया कमेटी की ओर से दी गई आपत्ति का जवाब वाद मित्र ने दाखिल किया। इसमें वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी ने कहा हैकि इस मामले में वर्तमान में कोई स्थगन आदेश प्रभावी नही है। यह यहां की अदालत में वर्ष 2018 में ही सुनिश्चित हो गया था।
गौरतलब है कि अदालत में आवेदन देकर कहा गया है कि देश की आजादी के दिन ज्ञानवापी परिसर का धार्मिक स्वरूप मंदिर का था। इसके लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से पुरातात्विक सर्वेक्षण कर स्थिति स्पष्ट कराई जाए।
रेड जोन में पूर्व महंत के घर का ताला तोड़कर चोरी
सुरक्षा की दृष्टिकोण से अति संवेदनशील श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के रेड जोन स्थित पूर्व महंत के आवास का ताला तोड़कर रविवार की रात कीमती सामान चोरी कर लिए गए। चप्पे-चप्पे पर चौकसी के बीच रेड जोन में चोरी की घटना से पुलिस और प्रशासनिक अमले में हड़कंप है। पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी के अनुसार, चोरों ने बंद कमरों के ताले चटकाकर लाखों की चोरी की है। प्रकरण को लेकर मंदिर प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तीन लोगों पर आरोप लगाते हुए दशाश्वमेध थाने में तहरीर दी है। वहीं, मंदिर प्रशासन ने पूर्व महंत के आरोप को निराधार बताते हुए घटना को पारिवारिक विवाद बताया है।
पूर्व महंत के पुत्र वाचस्पति तिवारी और उनके समधी अशोक व्यास सोमवार को विश्वनाथ कॉरिडोर स्थित आवास से सामान लेने गए तो देखे कि कमरे के ताले टूटे थे। अंदर से सारा सामान, गहने गायब थे। पूर्व महंत के अनुसार लाखों रुपये की चोरी हुई है। चोरी की जानकारी होने पर डॉ. कुलपति तिवारी मौके पर पहुंचे।
उन्होंने एसएसपी को घटना की जानकारी दी। पूर्व महंत का कहना है कि काशी विश्वनाथ मंदिर के रेड जोन में कड़ी सुरक्षा और चौकसी के बाद आखिरकार चोरी कैसे हुई। भवन की सुरक्षा की जिम्मेदारी मंदिर प्रशासन और मंदिर सुपरवाइजर की है। उन्होंने इस मामले में निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदारों और मंदिर सुपरवाइजर के खिलाफ तहरीर दी है।
इस मामले में एसपी ज्ञानवापी सुरक्षा सुकीर्ति माधव मिश्र ने बताया कि पूर्व महंत के आवास पर गार्ड की तैनाती कर दी गई है। सीसी कैमरे के फुटेज की जांच कराई जा रही है। वहीं, विश्वनाथ मंदिर के सीईओ विशाल सिंह का कहना है कि महंत परिवार की ओर से लगाया जा रहा चोरी का आरोप निराधार है।
गिरे हुए भवन से मलबा हटाने का काम परिवार के सदस्यों की देखरेख में चल रहा है। भारी सुरक्षा के बीच अगर चोरी की घटना हुई है तो यह दुखद है। पूरा मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा है और इसे घर में ही सुलझाना चाहिए। वहीं, इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक दशाश्वमेध ने बताया कि तहरीर मिली है और उसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
मंदिर के पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने बताया कि हमारे तीन कमरों के ताले तोड़ कर जिस तरह से चोरी हुई है, वह सुरक्षा पर गंभीर सवाल है। हमारे कीमती सामान और जेवरात आलमारियों से गायब हैं। हमारे भवन की सुरक्षा मंदिर प्रशासन की है। बीती 22 जनवरी को भवन ध्वस्त होने के बाद इन लोगों की देखरेख में ही सारे कार्य चल रहे थे।