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Gyanvapi: ढाई माह बाद शुरू हुई ज्ञानवापी के कई मामलों की सुनवाई, मिली तीन मई की तारीख

Fri, 19 Apr 2024 08:36 PM IST
अमन विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Fri, 19 Apr 2024 08:36 PM IST
सार

Gyanvapi: जिला जज ने एडवोकेट अनुष्का तिवारी की तरफ से दाखिल ट्रांसफर आवेदन पर सुनवाई की। इसमें उनकी ओर से ज्ञानवापी का मालिकाना हक हिंदुओं के पक्ष में घोषित कर भव्य मंदिर बनाने के लिए राज्य व केंद्र सरकार को निर्देशित करने की मांग को लेकर दाखिल वाद को सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत से अपनी अदालत में स्थानांतरित कर शृंगार गौरी मूल वाद के साथ सुनवाई किए जाने का अनुरोध किया गया। 

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Hearing of Gyanvapi cases started after two and a half months in court
ज्ञानवापी मामला। - फोटो : ANI

विस्तार

नवागत जिला जज संजीव पांडेय की अदालत में ज्ञानवापी से जुड़े कई मामलों की सुनवाई लगभग ढाई माह बाद शुक्रवार को हुई। जिला जज ने सुनवाई के दौरान मामलों के पक्षकारों और मुकदमों के संबंध में सिलसिलेवार जानकारी ली। सभी पक्षों को सुनने के बाद जिला जज ने मामले की विस्तृत सुनवाई के लिए तीन मई की तारीख नियत कर दी, सुनवाई के दौरान कोर्ट और उसके बाहर काफ़ी संख्या में लोग जुटे रहे।

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शृंगार गौरी मिलब वाद समेत अन्य वादों को वर्ष 1991 में दाखिल लार्ड काशी विश्वेश्वर वाद को मूल वाद मानते हुए एक साथ सुनवाई किए जाने का अनुरोध किया गया। इसका विरोध लार्ड विश्वेश्वर के वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी ने किया, कहा कि लार्ड विश्वेश्वर मूल वाद रीप्रेजेन्टेटिव वाद है। उसमें यह पक्षकार नहीं है ऐसे में उसमें पक्षकार नहीं बनाया जा सकता। हाईकोर्ट ने इस वाद को छह माह में निस्तारित करने का आदेश दिया है। 
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इस वाद के अलावा मां शृंगार गौरी वाद की वादिनी राखी सिंह के अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने ज्ञानवापी में बंद पड़े अन्य तहखानों की एएसआई से राडार तकनीक से सर्वें कराए जाने के लिए सुनवाई का अनुरोध किया ताकि मुकदमे के निस्तारण की स्थिति स्पष्ट हो सके, वहीं आदि विश्वेश्वर के दर्शन पूजन को लेकर दाखिल वाद में अधिवक्ता एस के द्विवेदी ने विपक्षी अंजुमन से आपत्ति दाखिल करने हेतु अंतिम अवसर दिए जाने का अनुरोध किया।
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साध्वी पूर्णांबा की तरफ से भी दाखिल वाद में अधिवक्ता रमेश उपाध्याय ने सुनवाई किए जाने का अनुरोध किया, शैलेंद्र पाठक व्यास की तरफ से व्यास जी के तहखाने मामले में अधिवक्ता सुधीर त्रिपाठी, सुभाष नंदन चतुर्वेदी दीपक सिंह ने सुनवाई किए जाने का अनुरोध किया। अंजुमन पक्ष की तरफ से मुमताज अहमद, एखलाक अहमद, रईस अहमद, भारत सरकार की तरफ से स्टैंडिंग काउंसिल अमित श्रीवास्तव, शंभू शरण सिंह, राज्य सरकार की तरफ से विशेष अधिवक्ता राजेश मिश्र के अलावा मामले से जुड़े एक वाद की वादिनी किरन सिंह के अधिवक्ता मान बहादुर सिंह,अनुपम द्विवेदी भी कोर्ट में पक्ष रखने के लिए मौजूद रहे।


साथ ही मामले से जुड़ी चार अन्य महिला वादिनी पैरोकार और अन्य पक्षकार भी मौजूद रहे। अदालत ने सभी पक्षों की बात सुनने के बाद मामले की विस्तृत सुनवाई के लिए 3 मई की तारीख नियत कर दी। उधर अनुष्का तिवारी की तरफ से दाखिल एक अन्य वाद की सुनवाई सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट की अदालत में सुनवाई की अगली तारीख 26 अप्रैल और पर्यावरण विद प्रभुनारायण की तरफ से दाखिल वाद की सुनवाई के लिए सुनवाई की तारीख 21 अप्रैल नियत कर दी।

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