Gyanvapi Survey: सर्वे रिपोर्ट पेश करने के लिए एएसआई ने मांगा 8 हफ्ते का वक्त, जिला जज करेंगे सुनवाई
एएसआई ने ज्ञानवापी परिसर के सर्वे और इसकी रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कोर्ट से 8 सप्ताह का समय मांगा है। एएसआई के प्रार्थना पत्र जिला जज की अदालत में सुनवाई होगी।
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भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने ज्ञानवापी के सर्वे और उसकी रिपोर्ट तैयार करने के लिए आठ सप्ताह (56 दिन) का समय मांगा है। इस पर जल्द ही जिला जज डॉ अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत सुनवाई करेगी। फिलहाल, सर्वे जारी है। इसकी रिपोर्ट अदालत को नहीं दी जा सकी है।
सर्वे की समयसीमा बढ़ाने की अर्जी शनिवार को प्रभारी जिला जज व एडीजे प्रथम संजीव सिन्हा की अदालत में दाखिल की गई। अदालत ने सभी पक्षकारों को सुना, फिर अदालत ने कहा कि जिला जज अवकाश पर हैं। उनके आने के बाद अर्जी प्रस्तुत की जाए। एएसआई की तरफ से स्टैंडिंग काउंसिल अमित श्रीवास्तव ने कहा कि ज्ञानवापी परिसर का एएसआई वैज्ञानिक जांच-सर्वे कर रहा है।
चार अगस्त से चल रहा एएसआई सर्वे
जिला जज की अदालत ने 21 जुलाई 2023 को सील वजूखाने को छोड़कर ज्ञानवापी परिसर के सर्वे का आदेश दिया था। 24 जुलाई को एएसआई ने सर्वे शुरू किया तो अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट ने सर्वे पर रोक लगाया और मसाजिद कमेटी को इलाहाबाद हाईकोर्ट जाने का आदेश दिया।
कमेटी की तरफ से इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करके सर्वे पर रोक लगाने की मांग रखी गई, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट ने जिला जज के आदेश को बरकरार रखा।
लिहाजा, चार अगस्त से ज्ञानवापी का सर्वे दोबारा शुरू हो गया। 15 अगस्त को सर्वे बंद रहा, फिर लगातार जारी है। 28 दिन से सर्वे चल रहा है। जो साक्ष्य मिल रहे हैं, उसे एएसआई की टीम सुरक्षित कर रही है।