Gyanvapi : ज्ञानवापी सर्वे में एएसआई टीम से दूर रहेंगे हिंदू और मुस्लिम पक्ष, प्रशासन ने बनाई नई व्यवस्था
ज्ञानवापी परिसर में एएसआई सर्वे के दौरान हिंदू और मुस्लिम पक्ष के बीच बढ़ती तल्खी को देखते हुए वाराणसी प्रशासन ने नई व्यवस्था की है। सर्वे के दौरान अब हिंदू या मुस्लिम पक्ष के लोग टीम के साथ नहीं रहेंगे।
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वाराणसी के बहुचर्चित ज्ञानवापी परिसर में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के सर्वे के दौरान अब हिंदू और मुस्लिम पक्ष के लोग एएसआई की टीम से दूर रहेंगे। यह नई व्यवस्था आज से लागू हो जाएगी। हिंदू या मुस्लिम पक्ष के लोगों को अपनी बात एएसआई टीम से कहनी है तो वह सर्वे के दौरान ज्ञानवापी परिसर में प्रवेश और निकास के समय उनसे बात कर सकेंगे। सर्वे के दौरान अब हिंदू या मुस्लिम पक्ष के लोग टीम के साथ नहीं रहेंगे।
एएसआई सर्वे के दौरान हिंदू और मुस्लिम पक्ष के बीच बढ़ती तल्खी को देखते हुए पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन और मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने बुधवार को काशी विश्वनाथ धाम के पिनाक भवन में दोनों पक्षों के लोगों के साथ बैठक कर नई व्यवस्था की जानकारी दी।
सौहार्द बिगाड़ने वाला बयान नहीं आना चाहिए
मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने कहा कि किसी भी पक्ष से सौहार्द बिगाड़ने वाला बयान नहीं आना चाहिए। न्यायालय की लड़ाई को बाहर नहीं लाया जाए और सामंजस्य के साथ न्यायालय के आदेश का पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि ज्ञानवापी में एएसआई सर्वे के दौरान वादी और प्रतिवादी पक्ष से जुड़े सभी लोग संयम रखें। प्रशासन ने दोनों पक्षों को ताकीद की है कि सर्वे के दौरान वे एएसआई टीम से दूरी बनाकर रखेंगे।
सर्वे को लेकर बयानबाजी पर तत्काल रोक लगाने की अपील
हिंदू और मुस्लिम पक्ष से संवाद में पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन और मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने कहा कि अफवाहों से बचें। किसी भी धर्म, संप्रदाय का व्यक्ति अफवाह फैलाए तो नजदीकी थाने और पुलिस के उच्चाधिकारियों को तत्काल सूचित करें। अफवाहों के आधार पर कोई व्यक्ति उद्दंडता करेगा तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सर्वे को लेकर बयानबाजी पर तत्काल रोक लगाने की अपील की।
युवा अफवाहों से बचें और बहकावे में न आएं
मंडलायुक्त ने कहा कि सभी लोग अपने क्षेत्र के नई उम्र के युवाओं को समझाएं और कहें कि किसी के बहकावे में न आएं। नफरत व द्वेष फैलाने वाले भ्रामक संदेशों के प्रचार-प्रसार से बचें। सत्यता का पता लगाने के बाद ही किसी भी बात पर अमल करें। भ्रामक संदेशों के प्रचार-प्रसार का माध्यम भी नहीं बनना है। सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से नफरत, द्वेष, कटुता और सांप्रदायिक अफवाह फैलाने वालों से बचें। खुद भी सोशल मीडिया के माध्यम से इस प्रकार का कोई मैसेज न भेजें, जिससे कानून व्यवस्था के लिए प्रतिकूल स्थिति उत्पन्न हो।
सोशल मीडिया की निरंतर निगरानी की जा रही है। पुलिस आयुक्त ने कहा कि सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले लोगों की निगरानी कराई जा रही है। जल्द ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आयुक्त ने ऑपरेशन दृष्टि के बारे में भी जानकारी और संवेदनशील स्थानों को चिह्नित करके सीसी कैमरे लगवाने के लिए प्रेरित किया। इससे अपराध रोकने में मदद मिलेगी।
असामाजिक तत्वों पर रखी जा रही नजर
मंडलायुक्त ने हिंदू व मुस्लिम पक्षकारों से अपील की कि कोई भी सौहार्द बिगाड़ने वाली बात नहीं करेगा और न इस संबंध में किसी प्रकार की गोष्ठी करेगा। सभी प्रकार के असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा रही है। सभी मिल-जुलकर रहें और सद्भाव को मजबूत बनाए रखें। इस दौरान जिलाधिकारी एस. राजलिंगम, डीसीपी काशी जोन आरएस गौतम, रेखा पाठक, मंजू व्यास, सुधीर त्रिपाठी, अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव एसएम यासीन, शहर-ए-मुफ्ती अब्दुल बातिन नोमानी और एजाज अहमद आदि मौजूद रहे।
नमाजियों की बढ़ती संख्या को भी रोकें
बैठक में अधिकारियों ने ज्ञानवापी परिसर में नमाजियों की संख्या बढ़ने पर चर्चा की और कहा कि मुस्लिम पक्ष भी अपने लोगाें को समझाएं कि वे अपने क्षेत्र की मस्जिदों में ही नमाज पढ़ें। संख्या बढ़ने से भी दूसरे पक्ष में गलत संदेश जा रहा है। इसके साथ ही दोनों पक्षों की ओर से की जा रही अलग-अलग बैठकों पर ताकीद की गई।