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Gyanvapi Case: औरंगजेब ने मंदिर तोड़ उसके ढांचे पर खड़ी करा दी थी मस्जिद; 839 पेज की रिपोर्ट में लिखी ये बातें

Fri, 26 Jan 2024 10:47 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी Published by: शाहरुख खान Updated Fri, 26 Jan 2024 10:47 AM IST
सार

Gyanvapi Masjid Case: औरंगजेब ने मंदिर तोड़कर उसके ढांचे पर मस्जिद खड़ी करा दी थी। एएसआई की 839 पेज की रिपोर्ट में सनातन धर्म विद्यमान, मंदिर के पक्ष में 32 प्रमाण मिले हैं। 

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Gyanvapi Masjid Case Varanasi News Aurangzeb demolished the temple and built a mosque on its structure
Gyanvapi Case - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ज्ञानवापी मंदिर की संरचना 17वीं शताब्दी में औरंगजेब के शासनकाल में नष्ट कर दी गई थी। इसके बाद उसके कुछ हिस्से को संशोधित कर पुन: इस्तेमाल किया गया। इसका खुलासा जिला जज की अदालत में दाखिल एएसआई की 839 पेज की सर्वे रिपोर्ट से हुआ है। इसमें स्पष्ट कहा गया कि भव्य मंदिर के ढांचे पर ही मस्जिद खड़ी की गई है।
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सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने बृहस्पतिवार की रात एएसआई की सर्वे रिपोर्ट अदालत से प्राप्त की और एक होटल में पत्रकारों से बात की है। उन्होंने कहा कि 21 जुलाई 2023 को जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश ने कहा था कि एएसआई ज्ञानवापी का वैज्ञानिक सर्वे कर बताएं कि क्या मंदिर के ऊपर मस्जिद बनी है? 
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एएसआई के सर्वे में ज्ञानवापी में 34 शिलालेख मिले हैं। जो शिलालेख हैं, वे पहले से मौजूद हिंदू मंदिर के पत्थर के हैं। देवताओं के तीन नाम जनार्दन, रुद्र और उमेश्वर शिलालेखों में पाए गए हैं। तीन शिलालेखों में वर्णित महा-मुक्तिमंडप का बहुत महत्व है। 
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एएसआई के अनुसार, ज्ञानवापी में तहखाने को बनाते समय पहले के मंदिर के स्तंभों का पुन: उपयोग किया गया था। हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां और नक्काशीदार वास्तुशिल्प ज्ञानवापी के एस-2 तहखाने में फेंकी गई मिट्टी के नीचे दबे हुए पाए गए।
 

पश्चिमी कक्ष की पूर्वी दीवार पर बड़ा सजाया प्रवेश द्वार
अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन के अनुसार, मौजूदा वास्तुशिल्प अवशेष, दीवारों पर सजाए गए सांचे, केंद्रीय कक्ष के कर्ण-रथ और प्रति-रथ मिले हैं। पश्चिमी कक्ष की पूर्वी दीवार पर एक बड़ा सजाया प्रवेश द्वार है। ललाटबिंब, पक्षियों और परविकृत छवि वाला एक छोटा प्रवेश द्वार अंदर की तरफ है।

बाहर सजावट के लिए उकेरे गए जानवरों से पता चलता है कि पश्चिमी दीवार एक हिंदू मंदिर का शेष हिस्सा है। कला और वास्तुकला के आधार पर, इस पूर्व संरचना को एक हिंदू मंदिर के रूप में पहचाना जा सकता है।

विश्वनाथ मंदिर को किया गया ध्वस्त
अधिवक्ता ने बताया कि एएसआई ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि मासीर-ए-आलमगिरी में उल्लेख है कि औरंगजेब ने सभी प्रांतों के राज्यपालों को काफिरों के स्कूलों और मंदिरों को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया था। 2 सितंबर 1669 को यह बताया गया कि सम्राट के आदेश के अनुसार उनके अधिकारियों ने काशी में विश्वनाथ के मंदिर को ध्वस्त कर दिया था।

ज्ञानवापी में मस्जिद का निर्माण औरंगजेब आलमगीर के शासनकाल के 20वें वर्ष यानी वर्ष 1676-77 में किया गया था। बरामदे और अन्य हिस्सों की मरम्मत वर्ष 1792-93 में की गई थी।
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